इराक में मौजूद इन ठिकानों से अमेरिकी सैनिकों और सऊदी अरब के अहम ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की तैयारी की जा रही थी। इसी संभावित खतरे को टालने के लिए अमेरिका और सऊदी अरब ने संयुक्त सैन्य कार्रवाई की। Read More





























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