WASHINGTON NEWS. ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फिलहाल ईरान पर प्रस्तावित बड़े सैन्य हमले को रोकने के निर्देश दिए हैं। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शीर्ष सलाहकारों और कैबिनेट सदस्यों के साथ उच्चस्तरीय बैठक के बाद ट्रम्प ने सेना को नए बड़े हमले से फिलहाल दूर रहने को कहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने ट्रम्प को चेताया कि यदि ईरान के खिलाफ अभियान को और विस्तार दिया गया तो मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी सेना के पास पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों और दूसरे एयर डिफेंस हथियारों का भंडार गंभीर रूप से कम हो सकता है। ऐसे में ईरान या उसके सहयोगियों की ओर से संभावित जवाबी हमलों से अमेरिकी सैनिकों और क्षेत्र में मौजूद सहयोगी देशों की सुरक्षा चुनौती में पड़ सकती है।

1200 से ज्यादा पैट्रियट मिसाइलों के इस्तेमाल का दावा
अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के मुताबिक, अप्रैल के अंत तक अमेरिका 1200 से अधिक पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों का इस्तेमाल कर चुका था। इसी वजह से आगे बड़े अभियान की स्थिति में एयर डिफेंस क्षमता पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई गई है।

जनरल डैन केन की सलाह ने बदली रणनीति?
जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने कथित तौर पर ट्रम्प को सलाह दी कि बड़े सैन्य अभियान के बाद होने वाली जवाबी कार्रवाई मध्य पूर्व में अमेरिकी सैनिकों और सहयोगी देशों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। सैन्य जोखिम और एयर डिफेंस हथियारों की उपलब्धता को देखते हुए फिलहाल बड़े हमले को टालने का फैसला किया गया।

हमला टला है या सिर्फ रणनीति बदली?
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रम्प का फैसला केवल अस्थायी रोक है या अमेरिका ने लंबे समय के लिए सैन्य अभियान की योजना बदल दी है। रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी सेना को किसी भी आपात स्थिति में बड़े सैन्य अभियान के लिए तैयार और अलर्ट रहने को कहा गया है। ऐसे में ईरान के खिलाफ अमेरिकी रणनीति पर दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।






































