धर्मेंद्र चौहान ने उन्हें दोनों नंबर ब्लॉक करने की सलाह दी और भरोसा दिलाया कि वह मामला ठीक कर देगा। इसी दौरान आरोपी के मन में ठगी की योजना बनी। उसने एक नया मोबाइल नंबर लेकर खुद को एसीबी-ईओडब्ल्यू का अधिकारी बताकर पीड़ित को व्हाट्सएप पर फर्जी शिकायत की प्रति भेजी और गिरफ्तारी से बचाने के नाम पर 10 लाख रुपये की मांग की। Read More









































































