खैरी निवासी पशुपालक प्रेमलाल बिरको रोज की तरह अपने बकरा-बकरियों को घर के आंगन में बांधकर सो गया था। सुबह जब वह उठा, तो नजारा रोंगटे खड़े कर देने वाला था। आंगन में बंधे सभी 17 मवेशी मृत अवस्था में पड़े थे। इनमें से कुछ के पेट फटे हुए थे, जबकि अन्य के शरीर पर गहरे जख्म और पंजों के निशान थे। Read More


























































