JOB NEWS. बेरोजगा घूम रहे युवाओं के लिए एक सुनहरा मौका मिलने जा रहा है। दिल्ली यूनिवर्सिटी की Faculty of Management Studies (FMS) ने एक बार फिर अपने प्लेसमेंट रिकॉर्ड से सुर्खियां बटोरी हैं। 2024-26 बैच के एमबीए स्टूडेंट्स को इस साल 1.1 करोड़ रुपये सालाना तक का हाईएस्ट पैकेज मिला है। कुल 287 छात्रों को 103 कंपनियों ने जॉब ऑफर दिए, जबकि प्लेसमेंट प्रक्रिया में 119 कंपनियां शामिल हुईं।

सबसे ज्यादा पैकेज Infosys की यूरोप यूनिट की ओर से दिया गया, जिसने तीन छात्रों को 1.1 करोड़ रुपये सालाना का ऑफर दिया। प्लेसमेंट कन्वीनर प्रो. अमित बर्धन के अनुसार, इस साल रिक्रूटर्स की संख्या में 32% की वृद्धि दर्ज की गई, जो संस्थान के लिए बड़ा संकेत है। इस वर्ष औसत सालाना पैकेज 32.27 लाख रुपये और मीडियन 29.59 लाख रुपये रहा।

टॉप 10% छात्रों का औसत पैकेज 60.67 लाख रुपये पहुंच गया, जो पिछले साल 53.2 लाख रुपये था। वहीं, टॉप 100 छात्रों का औसत पैकेज 45.19 लाख रुपये रहा और लगभग 75% छात्रों को 25 लाख रुपये से अधिक का पैकेज मिला। प्लेसमेंट टीम के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव ने जॉब मार्केट का स्वरूप बदल दिया है।

एंट्री-लेवल हायरिंग में कमी आई है, लेकिन हाई-स्किल, प्रोडक्ट और एनालिटिक्स रोल्स की मांग तेजी से बढ़ी है। इस वजह से कंपनियां अब ‘बल्क हायरिंग’ की बजाय ‘सिलेक्टिव हायरिंग’ पर जोर दे रही हैं। इस साल फाइनेंस और बैंकिंग सेक्टर में 78% की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि प्रोडक्ट, IT और एनालिटिक्स रोल्स में 68% का उछाल आया। छात्रों को कंसल्टिंग, FMCG, ई-कॉमर्स, हेल्थकेयर और एनर्जी जैसे विविध क्षेत्रों में अवसर मिले।

ऑफर देने वाली प्रमुख कंपनियों में Microsoft, McKinsey & Company, Amazon, Goldman Sachs और Boston Consulting Group शामिल रहीं। वैश्विक स्तर पर एमबीए जॉब मार्केट में चुनौतियों के बावजूद FMS ने इस साल बेहतर प्रदर्शन किया है। आंकड़े बताते हैं कि अब कंपनियां केवल डिग्री नहीं, बल्कि स्पेशलाइज्ड स्किल्स और एनालिटिकल क्षमता को प्राथमिकता दे रही हैं—और FMS के छात्र इस बदलाव के साथ खुद को ढालते दिख रहे हैं।

































