RAIPUR NEWS : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन मालिकों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। शहर में सवा लाख से ज्यादा ई-चालान अब भी पेंडिंग हैं। इनमें जनवरी 2025 से 31 जनवरी 2026 के बीच जारी किए गए करीब 96,800 चालान भी शामिल हैं, जिनका अब तक भुगतान नहीं हुआ है। इन पुराने चालानों के निपटारे के लिए 12 सितंबर 2026 को नेशनल लोक अदालत आयोजित की जाएगी। लोक अदालत में पात्र मामलों का निपटारा कराने के लिए वाहन मालिकों को रजिस्ट्रेशन का मौका दिया गया है। अब तक करीब 3 हजार वाहन मालिक रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं, जबकि रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख गुरुवार बताई गई है।
12 सितंबर को पुराने चालान के निपटारे का मौका
लंबे समय से कोर्ट में लंबित ई-चालानों को लोक अदालत के जरिए निपटाने की तैयारी की जा रही है। वाहन मालिकों को अपने पेंडिंग चालान की स्थिति की जानकारी लेकर समय पर रजिस्ट्रेशन कराने की सलाह दी गई है। हालांकि, हर चालान का निपटारा लोक अदालत में होना जरूरी नहीं है। मामले की प्रकृति और लागू कानूनी प्रावधानों के आधार पर पात्रता तय की जाएगी।
चालान नहीं भरा तो अटक सकती हैं ये सेवाएं
लंबे समय तक ई-चालान का भुगतान नहीं करने पर वाहन मालिकों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। पेंडिंग चालान की स्थिति में RC नवीनीकरण, कमर्शियल वाहनों की फिटनेस और परमिट, वाहन ट्रांसफर, NOC, RC में संशोधन और हाइपोथिकेशन जैसी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी कुछ सेवाओं में भी परेशानी आने की स्थिति बन सकती है। इसके अलावा भुगतान नहीं करने पर वाहन मालिक को समन जारी किया जा सकता है या मामला वर्चुअल कोर्ट में भेजा जा सकता है।
सड़क पर पकड़े गए तो वाहन हो सकता है डिटेन
ट्रैफिक पुलिस की जांच के दौरान अगर लंबे समय से चालान बकाया वाला वाहन पकड़ा जाता है, तो मामले के अनुसार वाहन को डिटेन या जब्त करने की कार्रवाई भी हो सकती है। रायपुर ट्रैफिक पुलिस अब बार-बार नियम तोड़ने वाले वाहनों पर भी नजर रख रही है। पुलिस के मुताबिक कुछ वाहनों पर कई चालान लंबित हैं। एक बाइक पर ही करीब 55 हजार रुपये का चालान बकाया होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे वाहनों की सूची तैयार कर कार्रवाई की जा रही है।
बारिश में भी बिना हेलमेट का चालान, लोगों ने की शिकायत
इस बीच रायपुर ट्रैफिक पुलिस के पास चालान से जुड़ी कुछ अलग तरह की शिकायतें भी पहुंची हैं। कुछ वाहन मालिकों ने आरोप लगाया कि बारिश के दौरान रेनकोट पहनकर बाइक चलाने के बावजूद उनके बिना हेलमेट के चालान काटे गए। कुछ लोगों ने यह शिकायत भी की है कि उनकी बाइक को मोपेड बताकर चालान जारी किया गया। ऐसे वाहन मालिकों को कालीबाड़ी स्थित ट्रैफिक ऑफिस में आवेदन देने का विकल्प दिया गया है। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित चालान को रद्द किया जा सकता है।
रायपुर में बढ़ रही पेंडिंग चालानों की संख्या
राजधानी में केवल पुराने चालान ही लंबित नहीं हैं। इस साल के शुरुआती आठ महीनों में जारी किए गए 30 हजार से ज्यादा चालान भी अभी तक पेंडिंग बताए जा रहे हैं। पुराने और नए मामलों को मिलाकर राजधानी में लंबित ई-चालानों की संख्या सवा लाख से अधिक हो गई है।
ट्रैफिक पुलिस की ओर से वाहन मालिकों को लगातार रिमाइंडर और मैसेज भेजे जा रहे हैं, लेकिन बड़ी संख्या में लोग अभी भी चालान का भुगतान नहीं कर रहे हैं। ऐसे में 12 सितंबर की लोक अदालत पेंडिंग ई-चालान वाले वाहन मालिकों के लिए राहत का एक अहम मौका हो सकती है। जिनका मामला लोक अदालत के दायरे में आता है, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत रजिस्ट्रेशन कराकर चालान का निपटारा कराने की कोशिश कर सकते हैं।



































