RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है। निगम की 97वीं संचालक मंडल की बैठक में कर्मचारियों से जुड़े महंगाई भत्ता, बोनस, वेतन वृद्धि और अनुकंपा नियुक्ति सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय लिया गया। बैठक नवा रायपुर स्थित निगम मुख्यालय में निगम अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई।

800 कर्मचारियों के DA में वृद्धि का प्रस्ताव
बैठक में सातवें वेतनमान के तहत निगम के करीब 800 कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में वृद्धि से संबंधित जानकारी रखी गई। DA बढ़ने से कर्मचारियों के मासिक वेतन में वृद्धि होगी और उन्हें आर्थिक लाभ मिलेगा।
निगम अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने कहा कि कर्मचारियों के हित में लिए जा रहे फैसलों का उद्देश्य उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। इससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ने के साथ कार्यक्षमता में भी सुधार होगा।

3 आश्रितों को मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति
सेवा के दौरान दिवंगत हुए निगम कर्मचारियों के तीन पात्र आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति देने का निर्णय लिया गया है। इससे संबंधित परिवारों को आर्थिक संबल मिलेगा और लंबे समय से लंबित नियुक्ति का रास्ता साफ होगा।
105 दैनिक वेतनभोगियों के बोनस पर वित्त विभाग को पत्र
निगम में कार्यरत 105 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के वर्ष 2023-24 और 2024-25 के बोनस का मामला भी बैठक में रखा गया। बोनस की स्वीकृति के लिए वित्त विभाग को पत्र भेजने के निर्देश दिए गए हैं। अब वित्त विभाग की मंजूरी के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

109 सहायक कंप्यूटर प्रोग्रामरों की वेतन वृद्धि की पहल
निक्सी के माध्यम से निगम में कार्यरत 109 सहायक कंप्यूटर प्रोग्रामरों के वेतन में वृद्धि का प्रस्ताव भी बैठक में रखा गया। संचालक मंडल ने इस संबंध में राज्य शासन को पत्र भेजने के निर्देश दिए हैं। शासन से मंजूरी मिलने के बाद इन कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी का रास्ता खुल सकता है।
15,116.82 करोड़ रुपये का बजट मंजूर
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निगम के अनुमानित आय-व्यय बजट को भी संचालक मंडल ने मंजूरी दे दी। बैठक में 15,116.82 करोड़ रुपये के बजट का अनुमोदन किया गया। यह बजट निगम की आगामी वित्तीय गतिविधियों और संचालन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यात्रा भत्ता संबंधी शासन का आदेश भी लागू
बैठक में छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग द्वारा जारी यात्रा भत्ते से संबंधित आदेश को निगम में भी यथावत लागू करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा निगम से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक और वित्तीय मामलों पर चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।




































