NEW DELHI NEWS. अगर कमाई सीमित है और बुढ़ापे की पेंशन की चिंता सता रही है, तो सरकार की एक योजना आपके काम की हो सकती है। प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना यानी PM-SYM असंगठित क्षेत्र के कामगारों को 60 साल की उम्र के बाद हर महीने ₹3,000 की सुनिश्चित मासिक पेंशन देने का प्रावधान करती है। इस योजना की खास बात यह है कि इसमें लाभार्थी जितना योगदान करता है, केंद्र सरकार भी उतनी ही राशि अपने हिस्से से जमा करती है। यानी यह 1:1 यानी मैचिंग कंट्रीब्यूशन वाली योजना है।

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में योगदान उम्र के हिसाब से तय होता है। 18 साल की उम्र में योजना से जुड़ने वाले पात्र व्यक्ति का मासिक योगदान ₹55 से शुरू होता है। यानी अगर कोई 18 साल की उम्र में योजना में शामिल होता है और ₹55 महीने जमा करता है, तो सरकार भी उसके खाते में ₹55 का अपना योगदान देती है। इस तरह कुल ₹110 प्रति माह खाते में योगदान होता है। हालांकि, उम्र बढ़ने के साथ लाभार्थी का मासिक योगदान भी बढ़ता है। सरकार का योगदान भी उसी अनुपात में बना रहता है।

योजना के तहत पात्र लाभार्थी को 60 वर्ष की उम्र पूरी होने के बाद ₹3,000 प्रति माह की सुनिश्चित पेंशन मिलती है। इसका मतलब यह योजना उन लोगों के लिए खास तौर पर उपयोगी हो सकती है, जिनके पास नौकरी के दौरान EPFO जैसी नियमित सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। इसके लिए आवेदक की उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए और उसकी मासिक आय ₹15,000 या उससे कम होनी चाहिए। प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना की शुरुआत फरवरी 2019 में की गई थी।

इन्हें मिल सकता है योजना का लाभ
रेहड़ी-पटरी लगाने वाले
रिक्शा चालक
निर्माण क्षेत्र के मजदूर
घरेलू कामगार
कृषि मजदूर
छोटे दुकानदार और इसी तरह के अन्य असंगठित कामगार

आवेदन के लिए क्या चाहिए?
योजना में रजिस्ट्रेशन के लिए पात्र व्यक्ति अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जा सकता है। आधिकारिक Shram Yogi Maandhan Portal के जरिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का विकल्प भी उपलब्ध है। इसके लिए आधार कार्ड + बचत बैंक खाता/जनधन खाता की जरूरत होती है। इसी बैंक खाते से योजना में निर्धारित मासिक योगदान ऑटो-डेबिट के जरिए जमा किया जाता है।
































