मामले के अनुसार नीरज जैन और विकास चोपड़ा ने महासमुंद में खसरा नंबर 2052/1 और 2052/2 की जमीन रजिस्टर्ड सेल-डीड के जरिए खरीदी थी। जमीन पर उन्होंने निर्माण कार्य शुरू कराया। इसी दौरान पड़ोसी जगदीश प्रसाद अग्रवाल ने निर्माण पर आपत्ति जताते हुए तहसीलदार के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की और काम रुकवाने की मांग की। Read More



























































