NEW DELHI NEWS. भारत मंडपम में आयोजित BRICS बिजनेस फोरम में शुक्रवार को वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार और बदलती विश्व व्यवस्था को लेकर बड़े संदेश सामने आए। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने BRICS की बढ़ती आर्थिक ताकत का जिक्र करते हुए G7 पर तंज कसा, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदस्य देशों के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।

पुतिन का G7 पर निशाना, BRICS की ताकत का बताया आंकड़ा
फोरम को संबोधित करते हुए पुतिन ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में वैश्विक GDP में BRICS देशों का योगदान 40 प्रतिशत से अधिक रहा है, जबकि G7 की हिस्सेदारी करीब 29 प्रतिशत रह गई है। इसी संदर्भ में उन्होंने सवाल उठाया कि पश्चिमी देश खुद को ‘ग्रुप ऑफ सेवन’ क्यों कहते हैं।
पुतिन ने BRICS को तेजी से बढ़ते बाजार, बड़ी आबादी और आर्थिक क्षमता वाला समूह बताया। उन्होंने कहा कि रूस दुनिया के विभिन्न देशों के साथ आर्थिक सहयोग के लिए तैयार है और BRICS के माध्यम से व्यापार, निवेश, लॉजिस्टिक्स तथा तकनीकी सहयोग को आगे बढ़ाया जा सकता है।

मोदी बोले- BRICS दुनिया की 40% GDP का प्रतिनिधित्व करता है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि BRICS देश दुनिया की करीब आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं और वैश्विक GDP में उनका योगदान लगभग 40 प्रतिशत है। उन्होंने सदस्य देशों के बीच व्यापार को और मजबूत करने की जरूरत बताई।
पीएम मोदी ने विशेष रूप से सुरक्षित और निर्बाध समुद्री व्यापार मार्गों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यापार की निरंतरता के लिए समुद्री मार्गों की सुरक्षा और नाविकों की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है।

मोदी-पुतिन की 45 मिनट मुलाकात, रूस आने का न्योता
BRICS बिजनेस फोरम से इतर प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच करीब 45 मिनट तक द्विपक्षीय बातचीत हुई। दोनों नेताओं के बीच भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी, व्यापार और आर्थिक सहयोग के साथ पश्चिम एशिया तथा ब्लैक सी क्षेत्र की स्थिति पर भी चर्चा हुई।
बैठक के दौरान पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को 24वें भारत-रूस वार्षिक सम्मेलन के लिए रूस आने का निमंत्रण दिया। दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, अंतरिक्ष और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है।

BRICS के मंच से वैश्विक अर्थव्यवस्था को बड़ा संदेश
भारत की अध्यक्षता में हो रही BRICS गतिविधियों के बीच बिजनेस फोरम में दिए गए मोदी और पुतिन के बयान को वैश्विक आर्थिक व्यवस्था के बदलते समीकरणों के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। एक ओर BRICS अपने आर्थिक और व्यापारिक सहयोग को विस्तार देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर पश्चिमी देशों के नेतृत्व वाली आर्थिक व्यवस्था को लेकर भी मंच से सवाल उठ रहे हैं।





































