BILASPUR NEWS. महज 13 महीनों में छह बार तबादले का सामना कर रहे पंचायत कर्मी को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। बार-बार स्थानांतरण को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस बीडी गुरु की सिंगल बेंच ने 6 अगस्त और 17 अगस्त 2026 को जारी तबादला आदेशों के क्रियान्वयन पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। अदालत ने राज्य शासन को नोटिस जारी कर मामले में जवाब भी मांगा है।

13 महीने में छह बार बदली पोस्टिंग
मामला पंचायत कर्मी राजेश कुमार चौहान से जुड़ा है। उनकी ओर से अधिवक्ता दीपाली पांडे ने कोर्ट को बताया कि राज्य शासन ने महज 13 महीने की अवधि में उनका छह बार तबादला किया। लगातार स्थानांतरण से परेशान होकर उन्होंने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
याचिका में बताया गया कि 6 अगस्त 2026 को जारी आदेश के तहत राजेश कुमार चौहान का स्थानांतरण ग्राम पंचायत कोसमनारा से जनपद पंचायत रायगढ़ कर दिया गया था। इस आदेश को उन्होंने हाई कोर्ट में चुनौती दी।

याचिका लंबित थी, तभी फिर बदल दिया ठिकाना
मामले में सबसे अहम मोड़ तब आया, जब पहली याचिका हाई कोर्ट में लंबित थी और इसी दौरान शासन ने 17 अगस्त 2026 को एक और तबादला आदेश जारी कर दिया। इस बार उन्हें जनपद पंचायत रायगढ़ से कोलाईबहाल भेज दिया गया।
याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट के समक्ष लगातार किए जा रहे तबादलों की परिस्थितियों को रखते हुए राहत की मांग की गई।

दोनों तबादला आदेशों पर अंतरिम रोक
मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने 6 अगस्त और 17 अगस्त 2026 को जारी दोनों तबादला आदेशों के प्रभाव और क्रियान्वयन पर अगली सुनवाई तक अंतरिम रोक लगा दी। साथ ही राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 14 अक्टूबर 2026 को होगी। फिलहाल हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश से पंचायत कर्मी को बार-बार होने वाले तबादलों से राहत मिल गई है।






































