MADHYAPRADESH NEWS। मध्य प्रदेश के सीधी जिले के माटा गांव से सरकारी कर्मचारी के हैरान करने वाले व्यवहार का मामला सामने आया है। यहां एक पटवारी पर आरोप है कि वह पानी और कीचड़ से भरे नाले को पार करने के लिए एक बुजुर्ग की पीठ पर बैठ गया। घटना की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो मामला प्रशासन तक पहुंचा और हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर विकास मिश्रा ने जांच के निर्देश दिए। जांच के बाद माटा हल्का में पदस्थ पटवारी नीलेश नामदेव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

बुजुर्ग की पीठ पर बैठकर नाला पार करता दिखा पटवारी
वायरल तस्वीर में एक व्यक्ति पानी और कीचड़ से भरे रास्ते को पार करने के लिए एक बुजुर्ग व्यक्ति की पीठ पर बैठा नजर आ रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि पीठ पर बैठा व्यक्ति माटा हल्का का पटवारी नीलेश नामदेव है। तस्वीर सामने आने के बाद पटवारी के इस व्यवहार को लेकर सवाल उठने लगे। मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ तो जिला प्रशासन ने भी इसका संज्ञान लिया।

कलेक्टर के निर्देश पर गांव पहुंची जांच टीम
कलेक्टर विकास मिश्रा के निर्देश पर अतिरिक्त कलेक्टर बीपी पांडे माटा गांव पहुंचे और मामले की जांच की। जांच के दौरान वायरल तस्वीर के साथ ग्रामीणों की शिकायतों को भी देखा गया। प्रशासन के मुताबिक, प्रथम दृष्टया पटवारी का व्यवहार असंवेदनशील और अपमानजनक पाया गया। इसके बाद मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियम, 1966 के नियम 9 के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई। हालांकि, प्रशासन ने साफ किया है कि मामले की जांच अभी जारी है। जांच रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

जनसुनवाई में पटवारी पर ग्रामीणों ने लगाए कई आरोप
मामला सिर्फ वायरल तस्वीर तक सीमित नहीं है। ग्रामीणों ने जनसुनवाई के दौरान पटवारी के खिलाफ कई अन्य शिकायतें भी दर्ज कराई हैं।इनमें सरकारी जमीन के पट्टे, पीएम किसान सम्मान निधि और जाति व जन्म प्रमाण-पत्र से जुड़े कामों में कथित तौर पर सेवा शुल्क मांगने के आरोप शामिल हैं। प्रशासन ने इन शिकायतों को भी जांच के दायरे में लिया है। हालांकि, इन आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है और इनकी सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

वायरल तस्वीर के बाद प्रशासन का बड़ा एक्शन
एक वायरल तस्वीर ने माटा गांव के पटवारी को मुश्किल में डाल दिया। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच कराई और कार्रवाई करते हुए पटवारी को निलंबित कर दिया। अब निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि वायरल तस्वीर के अलावा ग्रामीणों की ओर से लगाए गए अन्य आरोपों में कितनी सच्चाई है और पटवारी के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई की जाती है।




































