RAIPUR NEWS. रात का सन्नाटा, सड़क पर दौड़ता एक संदिग्ध टाटा मैजिक और उसमें छिपा एक ऐसा राज, जिसने पुलिस को भी चौंका दिया। आरोपी ससुर की हत्या के बाद शव को खारुन नदी में फेंककर हमेशा के लिए राज दफन करने निकले थे, लेकिन रास्ते में गश्त कर रही पुलिस की नजर वाहन पर पड़ गई। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो चालक गाड़ी दौड़ाकर भाग निकला। कुछ दूर जाकर वाहन छोड़कर आरोपी अंधेरे में फरार हो गए।

जब पुलिस ने लावारिस खड़ी टाटा मैजिक की तलाशी ली तो अंदर चादर में बंधा शव मिला। इसके बाद शुरू हुई जांच ने रिश्तों के बीच छिपे एक खूनी विवाद का पर्दाफाश कर दिया।
एक करोड़ रुपये बने रिश्ते में दुश्मनी की वजह
मृतक की पहचान पठारीडीह निवासी मोहन निषाद के रूप में हुई। पुलिस जांच में सामने आया कि मोहन ने हाल ही में करीब 1 करोड़ रुपये की जमीन बेची थी। इसी रकम में हिस्सेदारी और पैसों की मांग को लेकर उसके बड़े दामाद हेमराज निषाद से विवाद चल रहा था।
3 सितंबर की रात मोहन ने हेमराज को पार्टी के लिए बुलाया था। शराब के दौरान एक बार फिर जमीन के पैसों का मुद्दा उठा और कहासुनी शुरू हो गई। विवाद बढ़ा तो हेमराज ने कथित तौर पर जीआई तार से मोहन का गला घोंट दिया।

हत्या के बाद बनाई शव गायब करने की प्लानिंग
हत्या के बाद आरोपियों ने पुलिस से बचने और सबूत मिटाने के लिए शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। शव को चादर में बांधा गया और टाटा मैजिक CG04PV0780 में रखकर खारुन नदी की ओर रवाना हो गए।
उन्हें शायद भरोसा था कि रात के अंधेरे में किसी को भनक तक नहीं लगेगी। लेकिन रात करीब 1:15 बजे परसतराई के पास पुलिस की गश्त ने पूरा खेल बिगाड़ दिया।

पुलिस को देखते ही छोड़ दी गाड़ी
रायपुर-बिलासपुर रोड पर पुलिस ने संदिग्ध टाटा मैजिक को रोकने का इशारा किया। पुलिस को देखकर चालक ने वाहन तेज कर दिया। शीतला मंदिर के पास आरोपियों ने गाड़ी छोड़ दी और खेतों की तरफ भाग निकले।
लेकिन गाड़ी छोड़कर भागना ही उनके लिए सबसे बड़ी गलती साबित हुआ। पुलिस ने वाहन की तलाशी ली तो अंदर शव बरामद हो गया।

गाड़ी के नंबर से खुलती चली गई पूरी कहानी
वाहन पर दर्ज मोबाइल नंबर की जांच ने पुलिस को रावभाठा निवासी संजय उर्फ मोरध्वज चौहान तक पहुंचाया। इसके बाद पूछताछ और जांच में हत्या की कड़ियां जुड़ती चली गईं।
वारदात के बाद आरोपी बस से बिलासपुर पहुंचे और रतनपुर में छिप गए थे। पुलिस का शिकंजा कसने पर मुख्य आरोपी हेमराज निषाद ने सरेंडर कर दिया। इसके बाद उसके चाचा रोहित निषाद और दोस्त संजय निषाद को भी हिरासत में लिया गया।
मामला उरला थाना क्षेत्र का होने के कारण धरसींवा पुलिस ने तीनों आरोपियों को आगे की कार्रवाई के लिए उरला पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस अब हत्या की वजह, भूमिका और शव ठिकाने लगाने की पूरी साजिश को लेकर आरोपियों से पूछताछ कर रही है।





































