BILASPUR NEWS. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राजधानी रायपुर के चर्चित दोहरे हत्याकांड में दोषी विक्की उर्फ सुखीराम यादव की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखते हुए उसकी अपील खारिज कर दी है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने मामले को “बेहद क्रूर और बर्बर” बताते हुए कहा कि यह हत्या पूरी तरह सुनियोजित थी।

मामला तेलीबांधा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार मृतका ने आरोपी के खिलाफ पहले दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था, जिसके चलते आरोपी जेल भी गया था। जमानत पर रिहा होने के बाद महिला आरोपी पर शादी का दबाव बना रही थी। इसी बात से नाराज होकर आरोपी ने 22 जनवरी 2021 की रात महिला को जोरा मैदान के पास मिलने बुलाया और चाकू से उसका गला रेतकर हत्या कर दी।

वारदात के बाद आरोपी ने महिला की मासूम बेटी को रेलवे ट्रैक पर ले जाकर छोड़ दिया। कुछ देर बाद वहां से गुजर रही मालगाड़ी की चपेट में आने से बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई।
अदालत में बचाव पक्ष ने घटना को अचानक गुस्से में उठाया गया कदम बताया, लेकिन हाईकोर्ट ने इस दलील को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि आरोपी पहले से चाकू लेकर मौके पर पहुंचा था, जिससे साफ है कि हत्या पहले से योजनाबद्ध थी।

मामले में डीएनए और एफएसएल रिपोर्ट ने भी आरोपी के खिलाफ अहम साक्ष्य दिए। आरोपी के कपड़ों पर मिले खून के धब्बों की जांच में मृतका से मेल होने की पुष्टि हुई। इसके अलावा आरोपी ने घटना के अगले दिन गांव के पूर्व सरपंच के सामने अपना जुर्म भी कबूल कर लिया था।

हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए आरोपी की उम्रकैद की सजा को यथावत रखने का आदेश दिया।




































