हाईकोर्ट की जस्टिस एन.के. व्यास की सिंगल बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि रिश्वत की मांग और रकम स्वीकार करने के संबंध में अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य विश्वसनीय और पर्याप्त हैं। आरोपी के पास से बरामद दागी नोटों को लेकर कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण भी प्रस्तुत नहीं किया जा सका। Read More


























































