BILASPUR NEWS. छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भारतीय खाद्य निगम (FCI) की वर्ष 2017 की वॉचमैन भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह निरस्त करने के फैसले को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने इस निर्णय को असंवैधानिक, मनमाना और अवैध बताते हुए विभाग को निर्देश दिया है कि संदिग्ध उम्मीदवारों को अलग कर शेष पात्र अभ्यर्थियों का परिणाम तीन महीने के भीतर जारी किया जाए।
यह फैसला उन 114 अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जो पिछले सात वर्षों से नौकरी की उम्मीद में इंतजार कर रहे थे।

भर्ती प्रक्रिया और विवाद की शुरुआत
जानकारी के अनुसार, भारतीय खाद्य निगम (FCI) ने वर्ष 2017 में छत्तीसगढ़ क्षेत्र में वॉचमैन के 114 पदों पर भर्ती निकाली थी।
सितंबर 2017: लिखित परीक्षा आयोजित
अगस्त 2018: शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET)
160 उम्मीदवार हुए सफल
हालांकि, अंतिम चरण में 47 उम्मीदवारों के हस्ताक्षरों में अंतर पाए जाने पर मामला विवादों में घिर गया। इसके बाद जांच के लिए प्रकरण फोरेंसिक लैब भेजा गया और पूरी भर्ती प्रक्रिया लंबित हो गई।

5 साल जांच, फिर पूरी भर्ती रद्द
करीब पांच वर्षों तक चली जांच के बाद 12 जनवरी 2023 को FCI ने अचानक पूरी भर्ती प्रक्रिया को निरस्त कर दिया। इस फैसले से उन उम्मीदवारों की उम्मीदें टूट गईं, जिन्होंने पूरी प्रक्रिया ईमानदारी से पूरी की थी।
इस निर्णय को चुनौती देते हुए मनीष कुमार यादव, खेम प्रसाद सहित अन्य अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की।

कोर्ट की कड़ी टिप्पणी
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा कि जब फोरेंसिक जांच में संदिग्ध और सही उम्मीदवारों की पहचान हो चुकी है, तो पूरी भर्ती प्रक्रिया को रद्द करना न्यायसंगत नहीं है। कुछ लोगों की गलती का खामियाजा सभी अभ्यर्थियों को भुगतने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। ईमानदार उम्मीदवारों के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि प्रशासनिक निर्णयों में निष्पक्षता और पारदर्शिता अनिवार्य है।

अभ्यर्थियों में खुशी की लहर
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद प्रभावित अभ्यर्थियों में खुशी का माहौल है। कई उम्मीदवारों ने इसे “न्याय की जीत” बताया और उम्मीद जताई कि अब उन्हें जल्द ही नियुक्ति मिलेगी।





































