RAIPUR NEWS. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में श्रम विभाग की योजनाओं और कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मैदानी स्तर पर पूरी जिम्मेदारी के साथ श्रमिकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना की सफलता तभी मानी जाएगी, जब उसका फायदा समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और जमीनी स्तर पर उसका सही क्रियान्वयन हो। बैठक में श्रम मंत्री लखन देवांगन भी मौजूद रहे।

श्रमिकों के हितों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार के नेतृत्व में श्रमिकों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं और चार नई श्रम संहिताएं लागू की गई हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में मजदूरी संहिता 2019, औद्योगिक संबंध संहिता 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य दशाएं संहिता 2020 का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि श्रमिकों को सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण मिल सके।

उन्होंने यह भी कहा कि श्रम विभाग की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह सीधे तौर पर लाखों श्रमिकों के जीवन में सुधार ला सकता है। औद्योगिक इकाइयों का समय-समय पर तकनीक की मदद से निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।
‘ई-श्रम साथी’ मोबाइल ऐप का शुभारंभ
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने श्रमिकों को घर बैठे रोजगार और योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से “ई-श्रम साथी” मोबाइल एप (छत्तीसगढ़ डिजिटल लेबर चौक) की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की मेहनत राज्य और देश की अर्थव्यवस्था की नींव है, इसलिए उनके योगदान का सम्मान और उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

विभागीय कार्यों और योजनाओं की विस्तृत समीक्षा
समीक्षा बैठक में श्रम विभाग की संरचना, श्रमायुक्त संगठन, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा व्यवस्था और विभिन्न श्रमिक मंडलों के कार्यों का विस्तार से आकलन किया गया। सभी जिलों में श्रम कार्यालयों के माध्यम से योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि श्रमिकों को योजनाओं की पूरी जानकारी मिल सके।
श्रमिकों के लिए चल रही प्रमुख योजनाएं
राज्य में श्रमिकों के कल्याण के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें:
-मिनीमाता महतारी जतन योजना
-मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना
-नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना
-निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता
-सियान सहायता योजना
-आवास सहायता योजना
-निःशुल्क कोचिंग सहायता
-दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना
इसके अलावा अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत हर वर्ष कक्षा 6वीं में मेधावी बच्चों का चयन किया जा रहा है और नए शैक्षणिक सत्र से सीटों की संख्या बढ़ाकर 200 कर दी गई है।

पंजीकरण और बजट की स्थिति
भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के तहत वर्ष 2008 से अब तक 33 लाख से अधिक श्रमिकों का पंजीकरण किया जा चुका है। वर्ष 2025-26 में उपकर (सेस) से 315 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जबकि गठन से अब तक कुल 2,808 करोड़ रुपये एकत्र किए गए हैं। मार्च 2026 तक विभिन्न योजनाओं पर 2,558 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए ई-केवाईसी के माध्यम से लाभार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और “मुख्यमंत्री श्रमिक सहायता केंद्र” जैसी पहल को और मजबूत बनाने पर बल दिया।




































