RASHIFAL AND PANCHANG. 10 सितंबर 2026, गुरुवार को भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि सुबह 10:34 बजे तक रहेगी, उसके बाद पिठोरी अमावस्या आरंभ हो जाएगी। इसे कुशग्रहणी अमावस्या और पिठौरी अमावस्या भी कहा जाता है। इस दिन महिलाएं अपनी संतान की लंबी उम्र के लिए 64 योगिनियों और सप्तमातृका की पूजा करती हैं। इसी दिन से पितृ पक्ष के पहले की तैयारियां भी शुरू हो जाती हैं।

10 सितंबर 2026 का पंचांग
तिथि: भाद्रपद कृष्ण चतुर्दशी 10:34 AM तक, फिर अमावस्या (पिठोरी अमावस्या)
वार: गुरुवार
संवत्: विक्रम संवत 2083 सिद्धार्थि, शक 1948
व्रत: पिठोरी अमावस्या, कुशग्रहणी अमावस्या, दर्श अमावस्या
नक्षत्र: मघा दोपहर 12:00 PM तक, फिर पूर्वाफाल्गुनी
योग: शिव – सुबह 10:10 तक, फिर सिद्ध योग
करण: शकुनि / चतुष्पाद
चंद्रमा: सिंह राशि में
सूर्य: सिंह राशि, पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र

शुभ-अशुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: 11:55 AM से 12:44 PM
राहुकाल: दोपहर 01:52 से 03:24 तक

पिठोरी अमावस्या पर क्या कहती है आपकी राशि
मेष: संतान पक्ष से खुशखबरी, माता की सेहत में सुधार।
वृषभ: घर में मांगलिक कार्य, प्रॉपर्टी से लाभ।
मिथुन: पुराने कर्ज से मुक्ति, नौकरी में बदलाव के योग।
कर्क: आर्थिक मजबूती, ससुराल से सहयोग।

सिंह: सिंह में चंद्रमा – आत्मविश्वास हाई, नया पद मिलेगा।
कन्या: खर्च बढ़ेगा पर शुभ कार्य में लगेगा।
तुला: रुका पैसा वापस, बिजनेस में पार्टनर से लाभ।
वृश्चिक: गुप्त शत्रुओं पर विजय, कोर्ट में सफलता।
लाल किला ब्लास्ट का ‘मास्टरमाइंड’ खुद बना धमाके का शिकार, NIA चार्जशीट में साजिश के कई राज बेनकाब
धनु: गुरुवार को गुरु की कृपा – भाग्य तेज, विदेश योग।
मकर: पितरों की कृपा से अटका काम बनेगा, दान करें।
कुंभ: दांपत्य में मधुरता, लव प्रपोजल सफल।
मीन: नौकरी में प्रमोशन, सेहत में सुधार।



































