BILASPUR NEWS. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने प्रदेश के सभी पुलिस थानों में लगे CCTV कैमरों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि केवल कैमरे लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका 24 घंटे चालू रहना भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि थानों की CCTV फुटेज कम से कम 18 महीने तक सुरक्षित रखी जाए।

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और पुलिस विभाग को निर्देश दिया है कि सभी थानों में पर्याप्त स्टोरेज क्षमता, निर्बाध बिजली आपूर्ति और पावर बैकअप की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी स्थिति में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य नष्ट न हों। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि तकनीकी या प्रशासनिक लापरवाही के कारण फुटेज नष्ट होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

550 थानों में 102 करोड़ की परियोजना
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि प्रदेश के 550 पुलिस थानों में CCTV इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 102.10 करोड़ रुपये की योजना पर कार्य किया जा रहा है। जिला स्तरीय निगरानी समितियां प्रत्येक माह CCTV सिस्टम और फुटेज बैकअप की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश की प्रति मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) को भेजते हुए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने को कहा है।

NDPS केस की सुनवाई में आया मामला सामने
यह मामला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले के गौरेला थाने में दर्ज एक NDPS प्रकरण से जुड़ा है। आरोपी बनवारी लाल गुप्ता सहित चार लोगों ने याचिका दायर कर दावा किया था कि पुलिस ने उन्हें घटना से एक दिन पहले ही थाने में बैठा लिया था। आरोपियों ने 13 से 15 सितंबर 2024 के बीच की CCTV फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और टावर लोकेशन की जानकारी मांगी थी।
ट्रायल कोर्ट में पुलिस ने बताया कि 18 महीने की निर्धारित अवधि पूरी होने के कारण CCTV फुटेज ऑटोमैटिक सिस्टम के जरिए डिलीट हो चुके हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि जब फुटेज उपलब्ध नहीं हैं, तो उन्हें प्रस्तुत करने का आदेश नहीं दिया जा सकता। इसी आधार पर आरोपियों की याचिका खारिज कर दी गई।

हालांकि, भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए हाईकोर्ट ने पूरे प्रदेश के थानों में CCTV व्यवस्था को लेकर कड़े और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।





































