NEW DELHI NEWS. आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की प्रक्रिया इस बार पहले से अधिक विस्तृत और पारदर्शी हो गई है। नए प्रावधानों के तहत करदाताओं को अब शादी-विवाह में मिले उपहार, रिश्तेदारों से प्राप्त गिफ्ट, सरकारी योजनाओं की सब्सिडी, सोलर पैनल पर मिली सहायता, इलेक्ट्रिक वाहन खरीद पर मिले लाभ और अन्य करमुक्त प्राप्तियों की जानकारी भी रिटर्न में देनी होगी। हालांकि इन पर पहले की तरह कर छूट जारी रहेगी, लेकिन इनका उल्लेख करना अब अनिवार्य होगा। वसीयत, संयुक्त हिंदू परिवार (एचयूएफ) के बंटवारे से मिली संपत्ति, कृषि भूमि की बिक्री से प्राप्त राशि तथा महतारी वंदन जैसी सरकारी योजनाओं के तहत मिली आर्थिक सहायता का भी विवरण आईटीआर में दर्ज करना होगा। इसका उद्देश्य बैंक खातों में जमा राशि के स्रोत का सही मिलान करना और पारदर्शिता बढ़ाना है।

वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट एवं टैक्स बार ट्रिब्यूनल के सदस्य चेतन तारवानी के अनुसार, रिटर्न दाखिल करने से पहले बैंक स्टेटमेंट की सावधानीपूर्वक जांच करनी चाहिए। यदि किसी सरकारी योजना, सब्सिडी या अनुदान की राशि खाते में आई है तो उसका उल्लेख आईटीआर में करना जरूरी होगा। नए प्रारूप से करदाताओं को करमुक्त प्राप्तियों की जानकारी व्यवस्थित तरीके से दर्ज करने की सुविधा मिलेगी। सीए एसोसिएशन के अनुसार छत्तीसगढ़ में करीब 16 लाख व्यक्ति, संस्थाएं और कंपनियां आयकर रिटर्न दाखिल करती हैं। अब तक लगभग 65 प्रतिशत रिटर्न जमा हो चुके हैं।

नौकरीपेशा सहित अन्य पात्र करदाताओं के लिए आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित है। आयकर विभाग आईटीआर-1 (सहज), आईटीआर-2, आईटीआर-3, आईटीआर-4 (सुगम), आईटीआर-5 और आईटीआर-7 की एक्सेल यूटिलिटी उपलब्ध करा चुका है। आयकर अधिनियम की धारा 234एफ के तहत निर्धारित समय के बाद रिटर्न दाखिल करने पर विलंब शुल्क देना होगा। पांच लाख रुपये तक की कुल आय वाले करदाताओं के लिए यह शुल्क एक हजार रुपये और इससे अधिक आय वालों के लिए पांच हजार रुपये तक हो सकता है। यदि कर बकाया है तो उस पर प्रति माह एक प्रतिशत की दर से ब्याज भी देय होगा।

आईटीआर भरने से पहले इन दस्तावेजों का रखें रिकॉर्ड
बैंक स्टेटमेंट और पासबुक
फॉर्म-16, फॉर्म-26एएस
एआईएस (Annual Information Statement)
टीआईएस (Taxpayer Information Summary)
सोलर पैनल या इलेक्ट्रिक वाहन के बिल
सरकारी सब्सिडी या अनुदान के स्वीकृति पत्र
जमीन की रजिस्ट्री एवं बिक्री दस्तावेज
शादी या रिश्तेदारों से मिले उपहार का रिकॉर्ड
वसीयत या पारिवारिक बंटवारे से जुड़े दस्तावेज

गलती होने पर क्या करें
यदि रिटर्न दाखिल करने के बाद किसी आय, उपहार या सरकारी सहायता का विवरण छूट जाए तो करदाता निर्धारित समय के भीतर संशोधित (Revised) आईटीआर दाखिल कर सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि विभाग के नोटिस का इंतजार करने के बजाय स्वयं त्रुटि सुधारना बेहतर विकल्प है।






































