पटना हाईकोर्ट ने तलाक के एक मामले में अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि केवल शक या पत्नी को किसी दूसरे पुरुष के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लेना व्यभिचार साबित नहीं करता। कोर्ट ने कहा कि आरोप को विश्वसनीय और ठोस साक्ष्यों से साबित करना जरूरी है। Read More






























