BILASPUR NEWS. CG-PSC 2021 भर्ती में चयनित होने के बावजूद नौकरी से वंचित रखे गए 37 युवाओं का संघर्ष आखिरकार सफल हो गया है। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट कहा है कि जिन उम्मीदवारों पर किसी भी तरह की संदेह या जांच नहीं है, उन्हें नियुक्ति से रोकना अन्याय है।

राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी का हवाला देकर इन अभ्यर्थियों की नियुक्ति रोक दी थी। लेकिन कोर्ट ने सरकार से सवाल किया कि जब जांच किसी और पर केंद्रित है, तो निष्पक्ष उम्मीदवारों का भविष्य क्यों रोका गया?

युवाओं का संघर्ष बना मुख्य मुद्दा
परीक्षा पास करने के बाद चयनित अभ्यर्थियों ने दस्तावेज़ सत्यापन किया, मेरिट सूची में स्थान प्राप्त किया। नियुक्ति आदेश की प्रतीक्षा में दो साल से भी अधिक समय खो दिया। लेकिन सरकार द्वारा निर्णय टालने से इनकी उम्र सीमा, करियर योजनाएं और पारिवारिक जिम्मेदारियाँ प्रभावित हो रहीं थीं। कोर्ट ने इसी चिंता को समझते हुए कहा किसी भी उम्मीदवार को सिर्फ इसलिए सजा नहीं दी जा सकती कि जांच लंबी चल रही है।

CBI जांच पर कोर्ट की टिप्पणी
सुनवाई में CBI ने बताया कि 17 उम्मीदवारों की भूमिका की जांच जारी है बाकी उम्मीदवारों पर कोई आपत्ति या आरोप नहीं कोर्ट ने कहा—जिन पर कोई आरोप नहीं, उनकी नियुक्ति रोकी नहीं जा सकती।





































