याचिकाकर्ता ने मानवीय आधार पर राहत की मांग करते हुए कहा था कि वह वर्ष 1999 से विभिन्न अवधियों में लंबे समय तक जेल में रह चुका है। उसके पिता और बहन का निधन हो चुका है तथा घर में वृद्ध मां और बच्चों की जिम्मेदारी है। जेल अधीक्षक और कलेक्टर ने भी उसकी रिहाई के पक्ष में सिफारिश की थी। Read More

















































