BILASPUR NEWS. प्रदेश के बाल संप्रेक्षण गृहों की सुरक्षा व्यवस्था अब पूर्व सैनिकों के हवाले करने की तैयारी है। राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में शपथ पत्र पेश कर बताया है कि प्रदेश के 26 बाल संप्रेक्षण गृहों में कुल 156 पूर्व सैनिकों की तैनाती की जाएगी। इसके लिए सैनिक कल्याण बोर्ड से पत्राचार भी किया जा चुका है।

मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच में हुई। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को भी पक्षकार बनाने का निर्देश दिया है। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था पर आने वाले वित्तीय भार और केंद्र से मिलने वाली संभावित सहायता को लेकर स्थिति स्पष्ट करने के लिए व्यक्तिगत शपथ पत्र पेश करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी।

चौकीदार की हत्या के बाद हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान
बाल संप्रेक्षण गृहों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल बिलासपुर के नूतन चौक स्थित संस्थान में हुई सनसनीखेज घटना के बाद उठे। गत 11 जुलाई की रात चार नाबालिगों ने चौकीदार की पिटाई कर उसके हाथ-पैर बांध दिए और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए। हाईकोर्ट ने मामले को जनहित याचिका के रूप में लेते हुए प्रदेशभर के बाल संप्रेक्षण गृहों की सुरक्षा व्यवस्था पर जवाब मांगा था।

सुरक्षा ऑडिट से लेकर रात्रि गश्त तक कड़े इंतजाम
राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों, डीजीपी और होमगार्ड्स डीजी को संस्थानों का सुरक्षा ऑडिट कराने तथा सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस मुख्यालय ने भी सभी जिलों के एसपी को नियमित पेट्रोलिंग और रात्रि गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा संस्थानों के कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन, नोडल अधिकारियों की नियुक्ति और मॉक ड्रिल कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। अधिकारियों, काउंसिलर्स तथा हाउस मदर्स और फादर्स को जेजे एक्ट, पॉक्सो एक्ट और मिशन वात्सल्य के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

महासमुंद के 8 में 5 और बिलासपुर के 4 में 3 बच्चे मिले
सरकार ने कोर्ट को बच्चों के संस्थानों से भागने के मामलों की जानकारी भी दी। महासमुंद बाल देखरेख संस्थान से भागे 8 बच्चों में से 5 को बरामद कर लिया गया है, जबकि 3 की तलाश जारी है। वहीं बिलासपुर संस्थान से भागे 4 बच्चों में से 3 को वापस लाया जा चुका है, जबकि एक बच्चे की तलाश की जा रही है।
हाईकोर्ट की सख्ती के बाद अब पूर्व सैनिकों की तैनाती के प्रस्ताव को बाल संप्रेक्षण गृहों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।





































