BHIALI NEWS. सड़क हादसों में घायल व्यक्ति की त्वरित पहचान और सही इलाज सुनिश्चित करने के लिए अब तकनीक बड़ा सहारा बनने जा रही है। भविष्य में बाइक, कार और हेलमेट पर एक खास स्मार्ट QR कोड स्टिकर लगाना जरूरी हो सकता है, जो आपात स्थिति में मरीज की पूरी मेडिकल जानकारी तुरंत डॉक्टर तक पहुंचा देगा।

इस अभिनव सोच को भिलाई स्थित रुंगटा इंटरनेशनल स्किल्स यूनिवर्सिटी में आयोजित चार दिवसीय टेक-फेस्ट ‘व्योम’ के ई-समिट में प्रस्तुत किया गया, जहां प्रदेशभर के स्टार्टअप्स ने अपने आइडिया पेश किए।

हादसे के वक्त बनेगा ‘डिजिटल लाइफसेवर’
इस QR स्टिकर को स्कैन करते ही घायल व्यक्ति का
-ब्लड ग्रुप
-पुरानी बीमारियां
-जरूरी मेडिकल हिस्ट्री
-फोटो व पहचान संबंधी जानकारी
कुछ ही सेकंड में सामने आ जाएगी। इससे इलाज में देरी नहीं होगी और गलत ट्रीटमेंट का खतरा भी कम होगा।

डेटा रहेगा पूरी तरह सुरक्षित
स्टार्टअप के मुताबिक, इस QR कोड की कॉपी या क्लोनिंग संभव नहीं होगी। डेटा को सुरक्षित रखने के लिए मजबूत सिक्योरिटी सिस्टम तैयार किया गया है, जिससे निजी जानकारी लीक होने का खतरा नहीं रहेगा।

युवाओं के इनोवेशन में दिखा समाज का नजरिया
ई-समिट में करीब 50 स्टार्टअप्स ने अपने आइडिया प्रस्तुत किए, जिनमें से टॉप-10 को शॉर्टलिस्ट किया गया। तीन विजेता टीमों को 25 हजार रुपए का पुरस्कार दिया गया।
इसी मंच पर कुछ और सामाजिक उपयोग वाले स्टार्टअप भी चर्चा में रहे—
वायुवेग: कम कीमत में स्पोर्ट्स प्रोडक्ट्स उपलब्ध कराने की पहल
ग्रीनी: VR और AI की मदद से घर के हिसाब से फर्नीचर चुनने की सुविधा
किसान सहायक: किसानों को सीधे उत्पाद बेचने और कीमत तय करने का प्लेटफॉर्म

टेक-फेस्ट में टेक के साथ एंटरटेनमेंट का तड़का
‘व्योम’ टेक-फेस्ट इस बार स्क्विड गेम थीम पर आयोजित किया गया है, जिसमें 40 से अधिक प्रतियोगिताएं होंगी।
28 मार्च: सिंगर निकिता गांधी का लाइव परफॉर्मेंस
29 मार्च: सुपर-30 फेम आनंद कुमार का मोटिवेशनल सेशन
नई दिशा की ओर इशारा
यह QR हेल्थ स्टिकर सिर्फ एक स्टार्टअप आइडिया नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव की संभावनाओं का संकेत है। अगर इसे बड़े स्तर पर लागू किया गया, तो यह लाखों लोगों की जान बचाने में मददगार साबित हो सकता है।


































