RAIPUR NEWS. राशन लेने के लिए अब हर बार दुकान खुलने और लाइन लगने का इंतजार जरूरी नहीं होगा। छत्तीसगढ़ में खाद्यान्न वितरण की व्यवस्था को तकनीक से जोड़ते हुए तीन शहरों में ग्रेन ATM शुरू किए गए हैं। रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में लगाए गए इन अन्नपूर्ति ग्रेन ATM से पात्र राशन कार्डधारी 24 घंटे चावल ले सकेंगे। खास बात यह है कि यह सुविधा सिर्फ छत्तीसगढ़ के राशन कार्डधारियों तक सीमित नहीं रहेगी। मशीनों को वन नेशन, वन राशन कार्ड व्यवस्था से जोड़ा गया है। ऐसे में दूसरे राज्यों के पात्र लाभार्थी भी बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद यहां अपने हिस्से का राशन प्राप्त कर सकेंगे। इससे दूसरे राज्यों से छत्तीसगढ़ आने वाले प्रवासी मजदूरों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

छत्तीसगढ़ के खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने 8 अगस्त को रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में स्थापित तीन ग्रेन ATM का ऑनलाइन शुभारंभ किया। इन मशीनों के जरिए राशन वितरण को अधिक सुविधाजनक और तकनीक आधारित बनाने का प्रयास किया गया है। लाभार्थी मशीन पर आधार या राशन कार्ड नंबर दर्ज करने के बाद बायोमेट्रिक सत्यापन कराएगा। पहचान की पुष्टि होने पर पात्रता के अनुसार निर्धारित मात्रा में चावल मशीन से प्राप्त किया जा सकेगा।

एक मशीन में करीब 2500 किलो चावल रखने की क्षमता
वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के सहयोग से स्थापित इन मशीनों में करीब 2500 किलो चावल रखने की क्षमता बताई गई है। मशीन में चावल की लोडिंग स्वचालित प्रणाली से होगी और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद लाभार्थी को तय मात्रा में अनाज मिलेगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य राशन वितरण में लगने वाले समय को कम करना और पूरी प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप को घटाना है। इससे स्टॉक की निगरानी और वितरण प्रक्रिया को भी अधिक व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने में मदद मिल सकती है।

देश के 6 राज्यों में 29 जगहों तक पहुंच चुका है प्रयोग
वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के अनुसार, अन्नपूर्ति ग्रेन ATM का इस्तेमाल देश के कई राज्यों में शुरू हो चुका है। 6 राज्यों में 29 स्थानों पर ऐसी मशीनें लगाए जाने का उल्लेख किया गया है। इस प्रयोग की शुरुआत ओडिशा से हुई थी। अगस्त 2024 में भुवनेश्वर में देश का पहला 24×7 अन्नपूर्ति ग्रेन ATM शुरू किया गया। इसमें बायोमेट्रिक पहचान के बाद लाभार्थी करीब पांच मिनट में अधिकतम 50 किलो तक अनाज ले सकता है। ओडिशा के झारसुगुड़ा में मई 2026 में दूसरा और देश का तीसरा अन्नपूर्ति ATM शुरू किया गया। राज्य में ऐसी 55 और मशीनें लगाने की योजना भी बताई गई है।

छत्तीसगढ़ में 2.73 करोड़ लोग खाद्य सुरक्षा के दायरे में
छत्तीसगढ़ में करीब 2.73 करोड़ लोग खाद्य सुरक्षा व्यवस्था के दायरे में हैं। ऐसे में राशन वितरण में तकनीक का इस्तेमाल बड़े स्तर पर लाभार्थियों तक सुविधा पहुंचाने का माध्यम बन सकता है। ग्रेन ATM के जरिए राशन वितरण को दुकान के समय और मानव संसाधन पर कम निर्भर बनाने की कोशिश है। हालांकि, फिलहाल रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में शुरू की गई यह व्यवस्था शुरुआती चरण में है। इसके परिणाम और लाभार्थियों के अनुभव के आधार पर आगे इसका विस्तार किया जा सकता है।





































