RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ में क्रिटिकल और स्ट्रेटेजिक मिनरल्स की पूरी वैल्यू चेन विकसित करने की तैयारी है। खनिजों के अन्वेषण और उत्खनन के साथ प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और रिसाइक्लिंग भी प्रदेश में करने पर जोर दिया जा रहा है। केंद्र की आठवीं नीलामी किश्त में देश के 20 खनिज ब्लॉक्स में से 5 छत्तीसगढ़ के हैं। नवा रायपुर के मेफेयर लेक रिजॉर्ट में सोमवार को केंद्रीय खान मंत्रालय के क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी की आठवीं किश्त का रोड शो हुआ। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निवेशकों से प्रदेश के पांच ब्लॉक्स की नीलामी में सक्रिय भागीदारी की अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की सोच केवल खनिज उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है। अन्वेषण और उत्खनन के बाद खनिज बाहर भेजने के बजाय प्रदेश में ही उनका प्रसंस्करण, वैल्यू एडिशन और उनसे जुड़े एडवांस मैन्युफैक्चरिंग उद्योग विकसित करने का लक्ष्य है। इससे निवेश, नए उद्योग और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। प्रदेश में कटघोरा और बस्तर में लिथियम एवं दुर्लभ मृदा तत्व, बलरामपुर में ग्रेफाइट, वैनेडियम एवं गैलियम, बालोद में फास्फोराइट तथा महासमुंद में निकेल, क्रोमियम और ग्लाकोनाइट की संभावनाएं बताई गई हैं। देश में अब तक 88 क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी प्रक्रिया शुरू हुई है, जिनमें 56 की नीलामी हो चुकी है।

ढाई साल में 40 प्रोजेक्ट, 65 खनिज ब्लॉक नीलाम
खनिज विभाग के संचालक एवं सीएमडीसी के एमडी रजत बंसल ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 40 एक्सप्लोरेशन प्रोजेक्ट शुरू हुए और 2800 किमी से अधिक जियोलॉजिकल सर्वे किया गया। अब तक 65 खनिज ब्लॉक्स की नीलामी हुई है, जिनसे करीब 4 लाख करोड़ रुपए के संभावित राजस्व की उम्मीद है। पिछले वित्तीय वर्ष में करीब 16,700 करोड़ रुपए खनिज राजस्व मिला।

पीएम आवास हितग्राहियों के लिए ई-रेत संगवारी
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में ई-रेत संगवारी पोर्टल और टिन पोर्टल लॉन्च किए। ई-रेत संगवारी के जरिए प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को रियायती दर पर रेत उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुगम और पारदर्शी बनाई जाएगी। टिन पोर्टल का उद्देश्य दंतेवाड़ा क्षेत्र में टिन से जुड़े आदिवासी समुदायों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना है।

सीएमडीसी ने किए दो एमओयू
सीएमडीसी ने इंडियन ओवरसीज बैंक के साथ वित्तीय सहयोग के लिए एमओयू किया। कोरन्डम कटिंग एवं पॉलिशिंग प्रशिक्षण के लिए पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के साथ भी समझौता हुआ। कार्यक्रम में तीन लाइमस्टोन माइनिंग लीज ब्लॉक्स के लिए एनआईटी जारी करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई गई।




































