BILASPUR NEWS. सरकंडा क्षेत्र के नूतन चौक स्थित बाल संप्रेक्षण गृह (प्लेस ऑफ सेफ्टी) में 12 जुलाई की रात चौकीदार नरेंद्र कुमार खांडे की हत्या के मामले में पुलिस को एक और सफलता मिली है। फरार चल रहे आरोपियों में शामिल विशाल चौबे को बिहार की राजधानी पटना से गिरफ्तार कर लिया गया है। इससे पहले एक किशोर अपचारी की गिरफ्तारी हो चुकी है। अब तक चार आरोपियों में से दो पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं, जबकि शेष दो आरोपियों की तलाश में पुलिस रायगढ़ और उत्तर प्रदेश में लगातार दबिश दे रही है।

घटना के विरोध में मृतक के परिजनों और समाज के लोगों का आक्रोश लगातार बना हुआ है। सोमवार को अंबेडकर चौक से नूतन चौक तक रैली निकालने के बाद बड़ी संख्या में लोग बाल संप्रेक्षण गृह के सामने धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग उठाई। मांगें पूरी होने तक परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया है। पोस्टमार्टम के बाद शव को फिलहाल सिम्स की मर्चुरी में सुरक्षित रखा गया है।

इस बीच मामले को लेकर एसएसपी रजनेश सिंह ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि शासन के नियमानुसार सहायता और मुआवजा देने की प्रक्रिया घटना वाले दिन से ही शुरू कर दी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ बाहरी और असामाजिक तत्व परिजनों को कानूनी आधार से परे मांगें रखने के लिए भड़का रहे हैं। पुलिस ऐसे लोगों के खिलाफ साक्ष्य जुटा रही है। इनमें कई लोग पहले से गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपी हैं और जमानत पर बाहर हैं। पुलिस उनकी जमानत निरस्त कराने के लिए न्यायालय में कार्रवाई करेगी।

उधर, जिला और पुलिस प्रशासन लगातार धरना स्थल पर मौजूद लोगों से बातचीत कर विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास कर रहा है। इसी दौरान सदमे के कारण मृतक की पत्नी की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश के बाद सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।

पुलिस का कहना है कि फरार दोनों आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है और उन्हें भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं, मुआवजे और नौकरी की मांग को लेकर परिजनों का धरना फिलहाल जारी है।






































