BILASPUR NEWS. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने वर्ष 1999 के चर्चित छात्र हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे दोषी को राहत देने से इनकार कर दिया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ जेल नियमों के तहत एक बार दया याचिका खारिज होने के बाद उस पर दोबारा विचार करने का कोई कानूनी प्रावधान नहीं है। अदालत ने कुदुदंड निवासी नीरज माली उर्फ गोलू की याचिका खारिज करते हुए राज्य सरकार के फैसले को सही ठहराया।

याचिकाकर्ता ने मानवीय आधार पर राहत की मांग करते हुए कहा था कि वह वर्ष 1999 से विभिन्न अवधियों में लंबे समय तक जेल में रह चुका है। उसके पिता और बहन का निधन हो चुका है तथा घर में वृद्ध मां और बच्चों की जिम्मेदारी है। जेल अधीक्षक और कलेक्टर ने भी उसकी रिहाई के पक्ष में सिफारिश की थी।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि दोषी अब तक केवल 9 वर्ष, 2 माह और 25 दिन की वास्तविक सजा ही काट पाया है। साथ ही छत्तीसगढ़ जेल नियमावली के नियम 775 के तहत दया याचिका पर पुनर्विचार का कोई प्रावधान नहीं है।

डिवीजन बेंच ने कहा कि दोषी की पत्नी द्वारा दिया गया आवेदन नई दया याचिका नहीं, बल्कि पहले से खारिज याचिका पर पुनर्विचार का अनुरोध था, जिसे कानून अनुमति नहीं देता। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि संविधान के अनुच्छेद 161 के तहत सजा में माफी, राहत या परिवर्तन का अधिकार केवल राज्यपाल के पास है और हाईकोर्ट इस अधिकार का प्रयोग नहीं कर सकता।

1999 में कोर्ट परिसर के बाहर हुई थी छात्र की हत्या
मामला 6 सितंबर 1999 का है, जब सीएमडी कॉलेज के छात्र दलबीर सिंह, निवासी ग्राम पिपरा (सीपत), की बिलासपुर जिला न्यायालय परिसर के बाहर पेशी से लौटते समय धारदार हथियारों से हमला कर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में नीरज माली उर्फ गोलू, संजय उर्फ संजू पांडेय और राजा दुबे को आरोपी बनाया गया था।
जिला अदालत ने वर्ष 2001 में तीनों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ दायर अपील हाईकोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट से भी खारिज हो गई थी। मार्च 2023 में राज्यपाल के समक्ष दायर दया याचिका भी निरस्त हो गई थी। इसके बाद गृह (जेल) विभाग में पुनर्विचार का आवेदन दिया गया, जिसे नियमों के आधार पर अस्वीकार कर दिया गया। अब हाईकोर्ट ने भी इस निर्णय को वैध ठहराते हुए दोषी की याचिका खारिज कर दी।






































