BILASPUR NEWS. केंद्र सरकार ने डिजिटल पायरेसी के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम को पायरेटेड फिल्मों, वेब सीरीज और अन्य कॉपीराइट सामग्री साझा करने वाले चैनलों एवं ग्रुपों पर तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कंपनी को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि टेलीग्राम को किसी कॉपीराइट धारक की शिकायत का इंतजार करने के बजाय अपने प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध अवैध कंटेंट की पहचान कर उसे स्वतः हटाने की व्यवस्था विकसित करनी होगी। मंत्रालय का कहना है कि पायरेसी रोकने के लिए सक्रिय कदम उठाना डिजिटल प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी है।

यह तीन दिनों के भीतर टेलीग्राम को भेजा गया दूसरा नोटिस है। इससे पहले आईटी मंत्रालय ने प्लेटफॉर्म के यूजरनेम फीचर और यूजर्स की गोपनीयता से जुड़े पहलुओं पर भी जवाब मांगा था।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, पायरेसी फैलाने वाले चैनलों, ग्रुपों, बॉट्स और अकाउंट्स के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। अब तक ऐसे 3,000 से अधिक टेलीग्राम चैनलों को ब्लॉक किया जा चुका है। सरकार ने चेतावनी दी है कि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित एडमिन और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

इससे पहले भी टेलीग्राम सरकार के निशाने पर रह चुका है। नीट परीक्षा पेपर लीक मामले के दौरान सरकार ने प्लेटफॉर्म पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया था। साथ ही दोबारा आयोजित परीक्षा को देखते हुए कुछ समय के लिए मैसेज एडिटिंग फीचर पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए गए थे।

विशेषज्ञों के अनुसार, बिना अनुमति फिल्मों, वेब सीरीज, संगीत या अन्य कॉपीराइट सामग्री का प्रसारण या डाउनलोड कराना कॉपीराइट कानून का उल्लंघन है और यह दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। सरकार का कहना है कि डिजिटल पायरेसी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जवाबदेही तय की जाएगी।






































