AMBIKAPUR NEWS. सरगुजा जिले के सीतापुर में विधायक और उनके समर्थकों के साथ कथित मारपीट प्रकरण के बाद जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिया है। मामले को लेकर जारी राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल के बीच कलेक्टर ने राजापुर में पदस्थ नायब तहसीलदार तुषार मानिक को उनके वर्तमान कार्यस्थल से हटाकर कलेक्टोरेट अंबिकापुर से संबद्ध कर दिया है।

जारी आदेश के मुताबिक तुषार मानिक को तत्काल प्रभाव से जिला कार्यालय में अपनी सेवाएं देने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं राजापुर उप तहसील के प्रशासनिक कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए मैनपाट के तहसीलदार उमेश्वर बाज को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि तुषार मानिक का वेतन और अन्य सेवा लाभ पूर्ववत जारी रहेंगे।

गौरतलब है कि सीतापुर में हुई कथित मारपीट की घटना ने जिले भर में व्यापक चर्चा को जन्म दिया था। इस मामले को लेकर राजनीतिक गलियारों से लेकर प्रशासनिक महकमे तक लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही थीं। दोनों पक्षों द्वारा एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद मामला और अधिक संवेदनशील बन गया।

जांच के दौरान पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर काउंटर एफआईआर दर्ज की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार विधायक और उनके समर्थकों के विरुद्ध गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जबकि नायब तहसीलदार तुषार मानिक के खिलाफ जमानती धाराओं के अंतर्गत प्रकरण कायम किया गया है।

फिलहाल जिला प्रशासन और पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन द्वारा किया गया यह तबादला और पदस्थापना संबंधी आदेश क्षेत्र में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है। वहीं मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।




































