BILASPUR NEWS. ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट और संगठित अपराध के खिलाफ बिलासपुर पुलिस ने बड़ा एक्शन लेते हुए तीन फरार सटोरियों पर शिकंजा कस दिया है। पुलिस की अनुशंसा पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज चेतानी, सागर चेतवानी और रोहित पंजवानी के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी कर दिया है। इसके बाद अब तीनों आरोपियों की गतिविधियों पर देश के एयरपोर्ट, अंतरराष्ट्रीय सीमाओं और इमिग्रेशन नेटवर्क पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, लुकआउट सर्कुलर जारी होने के बाद यदि आरोपी विदेश भागने या सीमा पार करने की कोशिश करते हैं, तो संबंधित एजेंसियां तत्काल अलर्ट होकर कार्रवाई करेंगी। इसे बिलासपुर पुलिस की सट्टा कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे आक्रामक रणनीतिक कार्रवाई माना जा रहा है।

ऑनलाइन सट्टा एप से चल रहा था नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि तीनों आरोपियों के खिलाफ बिलासपुर के अलग-अलग थानों में ऑनलाइन सट्टा, जुआ एक्ट, धोखाधड़ी और संगठित अपराध से जुड़े गंभीर प्रकरण दर्ज हैं। लंबे समय से फरार आरोपी लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस कार्रवाई से बचते रहे।
जांच एजेंसियों को आशंका है कि आरोपी छत्तीसगढ़ से बाहर रहकर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और सट्टा एप के जरिए बिलासपुर समेत आसपास के जिलों में बड़े स्तर पर अवैध नेटवर्क संचालित कर रहे थे।

तकनीक के जरिए ट्रैकिंग, नेटवर्क पर भी नजर
सूत्रों के मुताबिक, राज चेतानी के कोलकाता में छिपकर नेटवर्क ऑपरेट करने की जानकारी मिली है, जबकि अन्य आरोपी भी अलग-अलग राज्यों से ऑनलाइन सट्टा कारोबार संभाल रहे हैं। पुलिस अब तकनीकी सर्विलांस, डिजिटल ट्रैकिंग और आर्थिक लेन-देन की जांच के जरिए पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है।
ने कहा कि अवैध सट्टा और जुए के कारोबार में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और फरार आरोपियों तक पहुंचने के लिए लगातार तकनीकी जांच जारी है।

महादेव एप के बाद दूसरा बड़ा शिकंजा?
महादेव सट्टा एप प्रकरण के बाद छत्तीसगढ़ में सट्टा गिरोहों के खिलाफ इसे सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है। बिलासपुर पुलिस की यह कार्रवाई संकेत दे रही है कि अब केवल छोटे सटोरियों ही नहीं, बल्कि नेटवर्क संचालित करने वाले कथित बड़े चेहरों तक भी जांच का दायरा तेजी से बढ़ाया जा रहा है।




































