RAIPUR NEWS. कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्रकार वार्ता में भाजपा सरकार और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद खत्म होने की घोषणा का कांग्रेस स्वागत करती है, लेकिन भाजपा इस उपलब्धि का पूरा श्रेय अकेले लेने की कोशिश कर रही है, जबकि इसकी मजबूत नींव कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में रखी गई थी।

बघेल ने कहा कि 2018 से 2023 के बीच कांग्रेस सरकार ने बस्तर में नक्सल उन्मूलन के लिए ठोस रणनीति पर काम किया। सुरक्षा कैंपों का विस्तार, सड़क निर्माण, बिजली, राशन दुकानें और बुनियादी सुविधाओं के विकास ने हालात बदलने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार कांग्रेस शासनकाल में किए गए कार्यों के आधार पर ही सफल अभियान चला पाई।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अमित शाह ने हाल ही में बस्तर को लेकर जो बयान दिए, वे “झूठ का पुलिंदा” हैं और उन्हें राज्य सरकार की ओर से गलत जानकारी दी गई है। उन्होंने याद दिलाया कि 2022 में खुद अमित शाह ने माना था कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से नक्सली घटनाओं में भारी कमी आई है।

बघेल ने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि 2009 में वामपंथी उग्रवाद की 2258 घटनाएं हुई थीं, जो 2021 में घटकर 509 रह गईं। इसी तरह मौतों और पुलिस थानों पर हमलों में भी उल्लेखनीय कमी आई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय कोंडागांव जिला और बस्तर के 600 गांव नक्सल मुक्त घोषित किए जा चुके थे।
उन्होंने भाजपा सरकार पर स्कूलों और जनसुविधाओं को लेकर भी सवाल उठाए। बघेल के मुताबिक, भाजपा शासनकाल में 400 स्कूल बंद हुए थे, जबकि कांग्रेस सरकार ने उनमें से 275 स्कूलों को दोबारा शुरू कराया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि साय सरकार राज्य में 10,463 स्कूल बंद करने जा रही है, जिनमें 1,163 स्कूल बस्तर संभाग के हैं।

राशन वितरण को लेकर भी उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि बस्तर संभाग में पहले से 1538 पीडीएस दुकानें संचालित हो रही थीं और हर महीने 21 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा चावल वितरित किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि आदिवासी परिवारों को पहले से ही 35 किलो चावल और सरकारी नौकरियों में 32 प्रतिशत आरक्षण मिल रहा था।
भूपेश बघेल ने भाजपा के 15 साल के शासनकाल पर भी हमला बोलते हुए कहा कि उस दौरान फर्जी एनकाउंटर, आदिवासियों पर अत्याचार और गांवों के खाली होने जैसी घटनाएं हुईं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं की हत्या वाले बड़े नक्सली हमलों की जांच भी भाजपा सरकार ने गंभीरता से नहीं कराई।

उन्होंने कहा कि बस्तर हमेशा से देश के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र रहा है, जहां से लौह अयस्क, टिन और ग्रेनाइट जैसे संसाधन मिलते हैं। इसलिए यह कहना गलत होगा कि बस्तर पूरी तरह अंधेरे में था। बघेल ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री को श्रेय लेने का अधिकार है, लेकिन कांग्रेस सरकार के योगदान को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
वहीं नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने अमित शाह की उस घोषणा पर सवाल उठाए, जिसमें हर आदिवासी परिवार को गाय और भैंस देने की योजना की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार पहले भी ऐसी योजना चला चुकी है, जिसमें बीमार और बिना दूध देने वाली गायें बांटी गई थीं और बाद में यह योजना विफल हो गई थी।
महंत ने कहा कि अगर सरकार फिर से ऐसी योजना लाना चाहती है, तो उसे पुराने अनुभवों से सीख लेनी चाहिए, ताकि पिछली गलतियां दोहराई न जाएं।




































