SAKTI NEWS. छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंघीतराई गांव में 13 अप्रैल को एक दर्दनाक औद्योगिक हादसा सामने आया। Vedanta Power Plant में अचानक हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट ने पूरे इलाके को दहला दिया। इस दुर्घटना में अब तक 16 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है। पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि कई अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हैं। 4 की मौके पर ही जान गई, जबकि 5 की मौत रायगढ़ मेडिकल कॉलेज, 5 की जिला अस्पताल रायगढ़ और 2 की रायपुर के कालड़ा अस्पताल में इलाज के दौरान हुई।

इस घटना के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। प्लांट की सुरक्षा बढ़ाते हुए पूरे परिसर को तीन लेयर की बैरिकेडिंग से घेर दिया गया है। किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन को आशंका है कि हादसे के बाद श्रमिकों और स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ सकता है, जिसे देखते हुए संभावित विरोध-प्रदर्शन को लेकर पहले से अलर्ट जारी कर दिया गया है।

दूसरी ओर, वेदांता प्रबंधन ने मृतक परिजन को 35-35 लाख रुपए सहायता राशि और नौकरी देने का ऐलान किया है। घायलों को 15-15 लाख रुपए दिए जाएंगे। इससे पहले PMO ने मुआवजे की घोषणा की थी। PMNRF से हर मृतकों के परिवार वालों को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए दिए जाएंगे। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, मंगलवार दोपहर प्लांट में सामान्य रूप से काम चल रहा था और बड़ी संख्या में मजदूर ड्यूटी पर मौजूद थे।

इसी दौरान अचानक बॉयलर में तेज धमाका हुआ, जिससे पूरा परिसर धुएं से भर गया। धमाके की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। आग पर काबू पाने के साथ ही अंदर फंसे मजदूरों को बाहर निकाला गया। कई मजदूरों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था।
हादसे के बाद प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था और रखरखाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के संकेत दिए हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसा तकनीकी खामी से हुआ या लापरवाही इसका कारण बनी। इस हादसे पर प्रधानमंत्री Narendra Modi, राष्ट्रपति Droupadi Murmu और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।

हादसे के बाद प्लांट के बाहर मजदूरों के परिजन ने हंगामा किया। उन्होंने प्रबंधन पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग की। कुछ मजदूर लापता हैं। परिजन का कहना है कि प्रबंधन कोई जानकारी नहीं दे रहा है। वहीं कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।



































