NEW DELHI NEWS. पश्चिम एशिया में हालात फिर से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। Donald Trump के मुताबिक अमेरिकी नौसेना ने ईरान के एक मालवाहक जहाज टॉस्का को रोककर अपने नियंत्रण में ले लिया है। वहीं ईरान ने इस कार्रवाई को सीजफायर का उल्लंघन और समुद्री डकैती बताया है। दोनों पक्षों के विरोधाभासी दावों ने Persian Gulf क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है। ईरानी मीडिया Tasnim News Agency के अनुसार, यह जहाज चीन से ईरान की ओर जा रहा था।

अमेरिकी दावे के अनुसार, टॉस्का जहाज Strait of Hormuz पार करने की कोशिश कर रहा था, तभी उसे USS Spruance ने रोका। राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि जहाज ने चेतावनियों को नजरअंदाज किया, जिसके बाद अमेरिकी मरीन ने उसे अपने कब्जे में ले लिया। फिलहाल जहाज की तलाशी लेकर उसके अंदर मौजूद सामग्री की जांच की जा रही है। ईरान के Khatam al-Anbiya Central Headquarters ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही कार्रवाई को सीजफायर का उल्लंघन बताया।

24 घंटे में 5 बड़े घटनाक्रम
- भारतीय जहाज निशाने पर: ईरान द्वारा 2 भारतीय जहाजों पर फायरिंग का दावा, 14 जहाज रोके गए—13 को लौटने दिया गया। भारत ने कड़ा विरोध दर्ज कराया।
- हॉर्मुज फिर बंद: ईरान ने अमेरिका पर आरोप लगाते हुए Strait of Hormuz को दोबारा बंद करने का ऐलान किया।
- शांति वार्ता पर संकट: इस्लामाबाद में प्रस्तावित बातचीत से ईरान ने दूरी बनाई, अमेरिकी शर्तों को वजह बताया।
- जेडी वेंस का दौरा टला: JD Vance का पाकिस्तान दौरा सुरक्षा कारणों से स्थगित।
- ट्रम्प की चेतावनी: ट्रम्प ने कहा—ईरान के पास समझौते का आखिरी मौका, और वे Barack Obama जैसी गलती नहीं दोहराएंगे।

ईरान का सख्त रुख
ईरानी सांसद Ebrahim Azizi ने साफ कहा कि कोई भी बातचीत राष्ट्रीय हित और सुरक्षा के आधार पर ही होगी। उन्होंने संकेत दिया कि दबाव में कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। United Arab Emirates ने संभावित युद्ध के आर्थिक असर को लेकर अमेरिका से बातचीत शुरू की है। निवेश और मुद्रा स्थिरता को लेकर चिंता जताई जा रही है।

असर और आगे क्या?
हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है। यहां किसी भी तरह का सैन्य टकराव न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि वैश्विक तेल सप्लाई और कीमतों पर सीधा असर डाल सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर दोनों देशों के बीच बयानबाजी और सैन्य गतिविधियां इसी तरह बढ़ती रहीं, तो यह संकट जल्द ही बड़े क्षेत्रीय टकराव में बदल सकता है।



































