NEW DELHI NEWS. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बनी चिंताओं के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। करीब 20 हजार टन एलपीजी लेकर मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला टैंकर ‘सिमी’ सुरक्षित रूप से गुजरात के कच्छ जिले के कांडला पोर्ट पहुंच गया है। यह टैंकर 13 मई को दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर भारत पहुंचा। होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों से जोड़ने वाला बेहद महत्वपूर्ण रास्ता माना जाता है।

दुनिया के बड़े हिस्से में तेल और गैस की सप्लाई इसी मार्ग से होती है। ऐसे समय में जब पश्चिम एशिया में तनाव को लेकर वैश्विक बाजारों में चिंता बनी हुई है, भारत तक एलपीजी टैंकरों का सुरक्षित पहुंचना बड़ी राहत माना जा रहा है। इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से क्षेत्रीय हालात को लेकर बातचीत की। अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि ईरान हमेशा होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपनी ऐतिहासिक जिम्मेदारी निभाता रहेगा।

उन्होंने कहा कि मित्र देशों को व्यापारिक सुरक्षा के लिए ईरान पर भरोसा रखना चाहिए और ईरान अपने साझेदार देशों के लिए सुरक्षित व्यापारिक माहौल बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। सूत्रों के अनुसार, भारत आ रहा एलपीजी टैंकर ‘एमवी सनशाइन’ भी 13 मई को होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर रहा था। जहाज को सुरक्षित भारत पहुंचाने के लिए कई एजेंसियां सक्रिय थीं, जिनमें भारतीय नौसेना भी शामिल है।

बताया जा रहा है कि यह फारस की खाड़ी से सुरक्षित निकाला गया भारत आने वाला 15वां एलपीजी जहाज था। भारत की ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए इन जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को बेहद अहम माना जा रहा है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि क्षेत्र में शांति स्थापित होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा और पारदर्शिता पहले से ज्यादा मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों के दायरे में रहकर समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

भारत की भूमिका को बताया निष्पक्ष
ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक से पहले नई दिल्ली में हुई चर्चा के दौरान काजेम गरीबाबादी ने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के लिए भारत की किसी भी पहल का ईरान स्वागत करेगा। उन्होंने भारत को शांति और संतुलन की नीति अपनाने वाला देश बताते हुए कहा कि भारत और ईरान के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध बेहद मजबूत हैं।




































