RAIPUR NEWS. राजधानी में साइबर ठगी के संगठित नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि Bank of Baroda के 49 बैंक खातों का इस्तेमाल अलग-अलग राज्यों में हुई ऑनलाइन ठगी के लिए किया गया। इन खातों में करीब 36.48 लाख रुपये जमा होने की जानकारी मिली है, जिन्हें पुलिस ने तत्काल प्रभाव से फ्रीज कर दिया है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने इन खातों के संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

जांच में सामने आया है कि ये सभी खाते म्यूल अकाउंट हैं—यानी ऐसे खाते जो असली अपराधियों के बजाय किसी और के नाम पर खोले जाते हैं। ठग अक्सर आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के नाम पर खाते खुलवाते हैं और उन्हें पैसे का लालच देकर इन खातों का उपयोग अवैध ट्रांजैक्शन के लिए करते हैं। बाद में यही खाते ठगी की रकम घुमाने और निकालने के काम आते हैं।

पुलिस यह भी पता लगा रही है कि रायपुर में कौन-कौन लोग इस गिरोह से जुड़े हैं, जो लोगों के नाम पर खाते खुलवाकर साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते हैं। इससे पहले भी शहर के अलग-अलग थानों में हजारों संदिग्ध खाताधारकों पर कार्रवाई हो चुकी है। साइबर ठग अब सीधे लोगों को निशाना बनाने के साथ-साथ म्यूल अकाउंट के जरिए नेटवर्क बनाकर काम कर रहे हैं। ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

ऐसी ठगी से कैसे बचें
किसी के कहने पर अपना बैंक खाता या ATM कार्ड किसी को न दें
अनजान व्यक्ति के लिए खाता खोलने या KYC कराने से बचें
संदिग्ध लिंक, कॉल या मैसेज पर बैंक डिटेल साझा न करें
OTP, PIN या पासवर्ड किसी से भी शेयर न करें
किसी भी “आसान कमाई” या कमीशन के लालच में न आएं
अपने बैंक खाते में आने-जाने वाले ट्रांजैक्शन पर नजर रखें

फ्रॉड हो जाए तो तुरंत क्या करें
अगर आपके साथ साइबर ठगी हो जाती है, तो देरी न करें—
तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें
या National Cyber Crime Reporting Portal पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें
अपने बैंक/कार्ड जारी करने वाले संस्थान को तुरंत सूचना दें, ताकि ट्रांजैक्शन रोका जा सके



































