RAIPUR NEWS. राजधानी में एक ऐसा मार्मिक वाकया सामने आया जिसने खुशियों के माहौल को पलभर में गहरे शोक में बदल दिया। इकलौती बेटी के निकाह की तैयारियों के बीच पिता का अचानक निधन हो गया। परिवार ने भारी मन से पहले निकाह की रस्म पूरी की, उसके बाद जनाजे की तैयारी कर अंतिम संस्कार किया। जानकारी के मुताबिक, शंकरनगर निवासी 74 वर्षीय अब्दुल गनी खान (सेवानिवृत्त आरटीओ अधिकारी) अपनी बेटी के निकाह की तैयारियों में जुटे थे।

इस दौरान परिवार के लोग डूमरतराई स्थित एक रिसोर्ट के लिए रवाना हो रहे थे। करीब दोपहर 12 बजे, जब वे खुद भी घर से निकलने वाले थे, तभी उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा। परिजन तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पिता के इंतकाल की खबर से घर में मातम छा गया, लेकिन दोनों पक्षों ने संयम और समझदारी का परिचय दिया।

तय कार्यक्रम के अनुसार, बेहद सादगी के साथ निकाह की रस्म पूरी की गई। दुल्हन बनी बेटी के चेहरे पर पिता को खोने का गहरा दर्द साफ झलक रहा था। निकाह के दौरान उसकी आंखें नम रहीं, माहौल बेहद भावुक हो गया। निकाह संपन्न होते ही परिवार ने जनाजे की तैयारी शुरू की। रविवार रात करीब 9:30 बजे बैरनबाजार कब्रिस्तान में अब्दुल गनी खान को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

निकाह के बाद उठाया गया जनाजा
जहां लोग शादी की बधाई देने पहुंचे थे, वहीं शाम को वही लोग अंतिम विदाई में शामिल हुए—यह दृश्य हर किसी को भावुक कर गया। अब्दुल गनी खान मूल रूप से कबीरधाम जिले के रहने वाले थे। उन्होंने दुर्ग, रायपुर और राजनांदगांव सहित कई जिलों में आरटीओ के पद पर सेवाएं दी थीं। उनके निधन पर परिवहन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।

एक दिन में खुशी और गम का अनोखा संगम
यह घटना न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे शहर के लिए स्तब्ध कर देने वाली रही। एक ही दिन में निकाह और जनाजे का दृश्य, जिंदगी की अनिश्चितता और भावनाओं की गहराई को बयां कर गया।




































