BILASPUR NEWS. सकरी थाना क्षेत्र में शराब दुकान के पास हुई एक हत्या का सनसनीखेज खुलासा 20 दिन बाद हुआ है। आरोपी ने हत्या के ठीक अगले दिन खुद को बचाने के लिए एक पुराने मामले में पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था, लेकिन एक ऑडियो क्लिप और कड़ियों को जोड़ती पुलिस जांच ने उसकी चाल नाकाम कर दी।

सीएसपी निमितेश सिंह ने बताया कि 8 दिसंबर की सुबह सकरी स्थित शराब दुकान के पास एक व्यक्ति का शव मिला था। पहचान पत्र के आधार पर मृतक की पहचान प्रहलाद साहनी, निवासी सकरी, के रूप में हुई। वह एक निजी स्कूल में बस चालक था। परिजनों के अनुसार, प्रहलाद 7 दिसंबर को बच्चों के लिए कपड़े खरीदने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा।
अगली सुबह उसकी खून से सनी लाश शराब दुकान के पास मिली। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में गंभीर चोट से मौत की पुष्टि हुई। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

ऑडियो क्लिप बनी खुलासे की कड़ी
जांच के दौरान पुलिस को शराब दुकान के सीसीटीवी फुटेज में एक ऑडियो क्लिप मिली, जिसमें मृतक वहां गाली-गलौज करता सुनाई दे रहा था। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों की जानकारी जुटाई। जांच में सामने आया कि आदतन बदमाश प्रियनाथ वर्मा उर्फ बाबू अंडा घटना की रात शराब दुकान के आसपास मौजूद था। चौंकाने वाली बात यह रही कि हत्या के अगले ही दिन उसने एक पुराने मामले में सरेंडर कर दिया था। उसके साथ पुरुषोत्तम वर्मा उर्फ आशाराम (19) और प्रियांशु वर्मा (19) भी मौजूद थे।

पूछताछ में टूटी चुप्पी
पुलिस ने दोनों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पहले वे गोलमोल जवाब देते रहे, लेकिन सख्ती करने पर उन्होंने स्वीकार किया कि 7 दिसंबर की रात प्रहलाद गाली-गलौज कर रहा था। मना करने पर वह उनसे उलझ गया, जिसके बाद तीनों ने मिलकर उसकी पिटाई कर दी। गंभीर रूप से घायल प्रहलाद को वहीं छोड़कर तीनों फरार हो गए। सुबह मौत की खबर मिलने पर प्रियनाथ ने खुद को बचाने के इरादे से पुराने केस में सरेंडर कर दिया, ताकि शक से दूर रह सके।

20 दिन की मेहनत के बाद गिरफ्तारी
पुलिस ने मौके से मिले साक्ष्यों, ऑडियो क्लिप और लगातार पूछताछ के जरिए कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए पूरे मामले का खुलासा किया। दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है, जबकि मुख्य आरोपी पहले से ही जेल में बंद है। पुलिस का कहना है कि यह मामला साजिश, भ्रम और तकनीकी साक्ष्यों के सहारे सुलझाया गया, जो जांच की बड़ी सफलता मानी जा रही है।




































