AMBIKAPUR NEWS. सीतापुर विधायक और नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी के बीच विवाद के मामले में बुधवार को महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। विधायक के दो समर्थकों पंकज गुप्ता और नाजिम रजा ने सीतापुर थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। इस कदम को लंबे समय से जारी विवाद को सुलझाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और विधायक रामकुमार टोप्पो के बीच हुई विस्तृत चर्चा के बाद दोनों समर्थकों ने थाने में सरेंडर किया। वहीं प्रशासनिक स्तर पर नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी और एसडीएम फगेश सिन्हा को सीतापुर से हटाने को लेकर भी सहमति बनने की जानकारी सामने आई है।

इधर, मामले को लेकर प्रदेशभर में चल रही तहसीलदारों की हड़ताल समाप्त कराने के प्रयास भी तेज हो गए हैं। राज्य के मंत्री ने तहसीलदार संघ से कार्यबहिष्कार समाप्त कर सामान्य कामकाज बहाल करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि घटना से जुड़े सभी पक्षों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है और कानून अपना काम कर रहा है। ऐसे में आम जनता को परेशानी से बचाने के लिए अधिकारियों को वापस काम पर लौटना चाहिए।

क्या है पूरा विवाद?
जानकारी के अनुसार, विधायक रामकुमार टोप्पो की बहन किसी शासकीय कार्य से नायब तहसीलदार कार्यालय पहुंची थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि बातचीत के दौरान नायब तहसीलदार ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर फाइल फेंकी गई और उन्हें कार्यालय से बाहर जाने के लिए कहा गया।

इसके बाद मामला और गरमा गया तथा नायब तहसीलदार और विधायक समर्थकों के बीच कथित रूप से धक्का-मुक्की और विवाद की स्थिति बन गई। दूसरी ओर, नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी ने विधायक पर मारपीट और दबाव बनाने का आरोप लगाया है।
घटना के बाद दोनों पक्षों की शिकायत पर पुलिस ने अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए हैं। इस बीच प्रदेशभर के तहसीलदार विधायक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आंदोलन और हड़ताल पर हैं, जबकि विधायक समर्थक नायब तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। मामले ने प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर व्यापक चर्चा को जन्म दिया है।




































