RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ में एक बार फिर एसीबी (ACB) और ईओडब्ल्यू (EOW) कार्रवाई शुरू कर दी है। डीएमएफ घोटाले में ACB-EOW की टीम ने आज यानी 29 अक्टूबर की सुबह कई जगह छापेमारी शुरू की। एसीबी-ईओडब्ल्यू की टीम ने प्रदेशभर में घोटाले से जुड़े ठेकेदारों और सप्लायरों के 12 ठिकानों पर दबिश दी है। रायपुर से करीब 10 गाड़ियों में अधिकारियों की टीम ने भारत माता चौक स्थित अग्रवाल निवास, सत्यम विहार स्थित नहाटा के घर और कामठी लाइन स्थित भंसाली के यहां कार्रवाई की है।

जानकारी के अनुसार रायपुर में पचपेड़ी नाका स्थित वॉलफोर्ट इन्क्लेव में कार्रवाई चल रही है। धमतरी में भी रेड पड़ी है। राजनांदगांव में तीन स्थानों पर एक साथ EOW की टीम पहुंची है। यह कार्रवाई माइनिंग (खनन) से जुड़े कारोबारियों, सप्लायर और ब्रोकर से संबंधित बताई जा रही है, जो डीएमएफ घोटाले से जुड़ी जांच के तहत की गई है। टीम सम्बंधितों के ठिकाने में दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच कर रही है।

वहीं, दुर्ग में 2, राजनांदगांव में 4 और कुरूद में 1कारोबारी के घर पर छापा पड़ा है। छापे की कार्रवाई जारी है। इन ठिकानों पर दस्तावेजों और इलेक्ट्रानिक उपकरणों की जांच की जा रही है। सूत्रों के अनुसार ईओडब्लू की यह कार्रवाई खनन (माइनिंग) से जुड़े कारोबारियों, बड़े सप्लायर और ब्रोकर से संबंधित बताई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, टीम संबंधित लोगों के वित्तीय लेन-देन और ठेकों की जानकारी जुटा रही है।

जानकारी के अनुसार ईओडब्लू ने बुधवार सुबह रादनांदगांव में एक साथ तीन स्थानों पर दबिश देकर बड़ी कार्रवाई की। रायपुर से पहुंची टीम ने भारत माता चौक स्थित राधा कृष्ण एजेंसी के संचालक अग्रवाल परिवार के निवास, सत्यम विहार में यश नहाटा के घर और कामठी लाइन स्थित ललित भंसाली के यहां छापा मारा है।

बता दें कि DMF घोटाले में पहले भी कई बड़े अधिकारी जेल जा चुके हैं। अधिकारियों ने अभी तक इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।




































