RAIPUR NEWS. राजधानी रायपुर में कर चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। राज्य GST विभाग ने आज यानी 26 मार्च को भैंसथान स्थित अन्नपूर्णा कॉम्प्लेक्स में दबिश दी, जहां दो फर्मों के कई ठिकानों पर एक साथ जांच की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, राज्य GST विभाग छत्तीसगढ़ की करीब 10 अधिकारियों की टीम इस कार्रवाई में जुटी हुई है। टीम लक्ष्मी कमर्शियल और एसआरएस ट्रेडर्स नाम की फर्मों के चार अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ जांच कर रही है।

सूत्रों के अनुसार, विभाग को इन फर्मों के खिलाफ फर्जी बिलिंग और GST चोरी की शिकायत मिली थी। इसी आधार पर यह छापेमारी की गई है। जांच के दौरान टीम ने बड़ी संख्या में संदिग्ध बिल, ट्रांजेक्शन से जुड़े रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक डेटा जब्त किया है। बताया जा रहा है कि शुरुआती जांच में बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी के संकेत मिले हैं। दस्तावेजों और डिजिटल डेटा का अब विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है, जिससे पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।

फिलहाल विभाग की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। यह कार्रवाई संकेत दे रही है कि प्रदेश में GST चोरी और फर्जी बिलिंग के खिलाफ निगरानी और सख्ती लगातार बढ़ाई जा रही है। बता दें कि रायपुर और छत्तीसगढ़ में GST चोरी के खिलाफ पहले भी कई बड़ी कार्रवाइयां हो चुकी हैं।

राज्य GST विभाग छत्तीसगढ़ ने 2024 में रायपुर में फर्जी ITC रैकेट पकड़ा, जिसमें शेल कंपनियों के जरिए करोड़ों की बिलिंग सामने आई। 2023 में दुर्ग-भिलाई के स्टील कारोबारियों पर छापे पड़े, जबकि 2022 में ट्रांसपोर्ट और ट्रेडिंग फर्मों के जरिए फर्जी ई-वे बिल का मामला उजागर हुआ। 2021 में बिलासपुर में कोयला कारोबार से जुड़ी फर्मों की जांच हुई थी। इन कार्रवाइयों से साफ है कि राज्य में संगठित टैक्स चोरी नेटवर्क पर लगातार सख्ती बढ़ रही है।

क्यों बढ़ रही हैं ऐसी कार्रवाई?
- GST सिस्टम में डेटा एनालिटिक्स और AI ट्रैकिंग मजबूत हुई है
- फर्जी कंपनियों और ITC फ्रॉड पर विशेष निगरानी
- केंद्र और राज्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय





































