RAIPUR NEWS. भारतमाला घोटाला मामले में रिटायर्ड आईएएस जेके ध्रुव के भिलाई स्थित घर सहित 3 जगहों पर ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने छापा मारा है। करीब 6 गाड़ियों में सवार अफसरों की टीम पहुंची है। ध्रुव के घर सुबह 6 बजे दबिश दी गई, जहां दस्तावेजों की जांच जारी है। बता दें कि जेके ध्रुव सीजी-पीएससी भर्ती घोटाले में भी आरोपी हैं और फिलहाल जेल में हैं। इस कार्रवाई को भारतमाला मामले में उनके कनेक्शन से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। सेक्टर-10, सड़क-44 स्थित उनके घर पर सुबह अधिकारियों की टीम पहुंची और दस्तावेजों समेत विभिन्न रिकॉर्ड की जांच शुरू की।

सूत्रों के अनुसार, दो इनोवा वाहनों में पहुंचे अधिकारियों ने घर के भीतर कई अहम दस्तावेज खंगाले। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि कार्रवाई किस एजेंसी की ओर से की जा रही है। दरअसल, भारत माला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापट्टनम आर्थिक कॉरिडोर भुगतान घोटाले में हरमीत सिंह खनूजा मुख्य आरोपी और जमीन दलाल है। हरमीत खनूजा ने अपनी पहली पत्नी को तलाक देकर हरमीत सिंह चावला की बेटी तहसीलदार रविंदर कौर से शादी की थी।

ईडी की छानबीन में आरोपी के ससुर हरमीत सिंह चावला के पास घोटाले से जुड़े पैसों के लेनदेन और महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। दोनों कारोबारियों के घरों से अब तक क्या मिला है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। ED की टीमें अभी भी डिजिटल साक्ष्य और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है।

भारत-माला प्रोजेक्ट में जमीन अधिग्रहण मामले में 43 करोड़ का घोटाला हुआ है। जमीन को टुकड़ों में बांटकर NHAI को 78 करोड़ का भुगतान दिखाया गया। SDM, पटवारी और भू-माफिया के सिंडिकेट ने बैक डेट पर दस्तावेज बनाकर घोटाले को अंजाम दिया।

जांच एजेंसी के अनुसार, तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक और डिप्टी परीक्षा नियंत्रक ललित गनवीर ने कथित रूप से उद्योगपति श्रवण गोयल को प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए। आरोप है कि ये सीजीपीएससी प्रश्नपत्र आगे उनके बेटे और बहू तक पहुंचे, जिनका चयन डिप्टी कलेक्टर पद पर हुआ। वहीं सोनवानी के परिजनों का चयन डिप्टी कलेक्टर और डिप्टी एसपी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर होने का भी आरोप है।





































