BILASPUR. सिम्स की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही है। एक ओर जहां मरीजों के उपचार व उनको सुविधा देने में असफल होने पर हाईकोर्ट फटकार लगा रहा है। वहीं इन सबके बीच नेशनल मेडिकल कमीशन ने भी सिम्स मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्था व संसाधनों के अभाव के चलते 3 लाख का जुर्माना लगाया है। इतना नहीं आने वाले समय में एनएमसी ने कमियां दूर नहीं करने पर मेडिकल पढ़ाई के लिए सीटें कम करने की चेतावनी भी दी है।

बता दें, सिम्स में सिर्फ उपचार नहीं होता है बल्कि यहां पर हमारे भावी डॉक्टर भी तैयार होते है। सिम्स बिलासपुर संभाग का सबसे बड़ा अस्पताल है और मेडिकल कॉलेज भी है। यहां पर एमबीबीएस की पढ़ाई होती है।

नेशनल मेडिकल कमीशन मेडिकल कॉलेजों पर नजर रखती है और वहां पढ़ाई के लिए सही से संसाधन है या नहीं इस पर नजर रखती है। सिम्स में नेशनल मेडिकल कमीशन ने बहुत सी कमियां पायी है। इस वजह से अभी तो सिर्फ 3 लाख का ही जुर्माना लगा है आगे भविष्य में सीटें भी कम करने की बात कहीं जा रही है।

नेशनल मेडिकल कमीशन रखती है नजर
नेशनल मेडिकल कमीशन भारत की एक संस्थान है। जो सभी मेडिकल कॉलेजों पर ऑनलाइन नजर रखती है। कॉलेजों को समय-समय पर कमियां दूर करने को लेकर दिशा-निर्देश भी देती है।

कुछ दिन पहले वर्चुअल बैठक ली गई थी। इस बैठक में सिम्स सहित प्रदेश के सभी शासकीय मेडिकल कॉलेजों के डीन और प्रोफेसर जुड़े थे। मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी की गिनती की गई तो कई कमियां मिली। इस लिए जुर्माना लगाया गया है।

फैकल्टी और जरूरी संसाधनों का अभाव
नेशनल मेडिकल कमीशन ने सिम्स में फैकल्टी का अभाव होने व पढ़ाई के लिए संसाधनों की कमी पायी है। डॉक्टरों की कमी व प्रोफेसर व असिस्टेंट प्रोफेसर की कमी भी पायी गई है। जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। नेशनल मेडिकल कमीशन ने इन कमियों को जल्द ही दूर करने के लिए निर्देशित किया है। यदि कमियां नहीं दूर हुई तो एमबीबीएस की सीटें कम करने की बात कही है।




































