इसे निरस्त करने शिक्षिका ने हाईर्काट में याचिका दायर की थी। सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस ने माना कि अनुशासन के नाम पर बच्चों को प्रताड़ित करना सही नहीं है। छात्रा की सुसाइड के लिए शिक्षिका को जिम्मेदार भी माना। Read More





























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