BALAUDABAZAR NEWS. छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले का सोनाखान अब सच में “सोने की खान” बन गया है। वर्षों से चर्चित सोनाखान गोल्ड माइन को लेकर बड़ा अपडेट आया है। राज्य सरकार द्वारा आयोजित बाघमाडॉ (सोनाखान) गोल्ड माइंस की ई-नीलामी प्रक्रिया पूरी हो गई है, जिसमें वेदांता लिमिटेड ने सबसे ऊंची बोली लगाकर यह खदान अपने नाम कर ली है।

वेदांता लिमिटेड ने इस नीलामी में 74 हजार 712 रुपये प्रति ट्राय औंस के आईबीएम विक्रय मूल्य का 12.55 प्रतिशत बोली लगाई है। इसी के साथ कंपनी को सोनाखान क्षेत्र में सोने के उत्खनन का अधिकार मिल गया है।

बताया जा रहा है कि यह खदान 608 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली है और यहां लगभग 2,700 किलो सोने का अनुमानित भंडार है, जिसमें से करीब 500 किलो सोना सतह के पास मौजूद है। वेदांता समूह ने बुधवार को भूमि पूजन कर टेस्टिंग खुदाई की शुरुआत भी कर दी है।

कंपनी का कहना है कि जल्द ही उत्पादन कार्य प्रारंभ होगा, जिससे राज्य की आर्थिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। हालांकि, दूसरी ओर स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों ने चिंता जताई है, क्योंकि यह पूरा क्षेत्र वन भूमि है, करीब 608 हेक्टेयर जंगल औषधीय पौधों और जैव विविधता से भरपूर है। लोगों को डर है कि सोने के उत्खनन से इन वन क्षेत्रों का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है। अब देखना होगा कि सोनाखान की ये “सोने की खान” प्रदेश की अर्थव्यवस्था को चमकाएगी या फिर पर्यावरण पर भारी पड़ेगी।





































