BILASPUR NEWS. पाटन विधानसभा चुनाव को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई में गुरुवार को अहम मोड़ आ गया। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से चुनाव याचिका को शुरुआती स्तर पर ही खारिज करने के लिए दाखिल आवेदन को बिलासपुर हाईकोर्ट ने निरस्त कर दिया। कोर्ट के इस फैसले के बाद भाजपा सांसद विजय बघेल की ओर से दायर मुख्य चुनाव याचिका पर अब सुनवाई आगे बढ़ेगी और साक्ष्य व गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे।

क्या है चुनाव याचिका का मामला
पाटन विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी रहे विजय बघेल ने चुनाव परिणाम को लेकर हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दाखिल की है। याचिका में उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रत्याशी भूपेश बघेल पर चुनाव प्रचार के दौरान आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन सहित कई आरोप लगाए हैं। इसी याचिका की वैधानिकता को चुनौती देते हुए भूपेश बघेल की ओर से इसे प्रारंभिक स्तर पर ही निरस्त करने का आवेदन पेश किया गया था।

CPC और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम का दिया था हवाला
भूपेश बघेल की ओर से सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC) के आदेश 7 नियम 11 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 86(1) के तहत आवेदन प्रस्तुत किया गया था। इसमें तर्क दिया गया कि चुनाव याचिका को आगे चलाने का आधार नहीं है, इसलिए इसे प्रारंभिक चरण में ही खारिज कर दिया जाए।

दोनों पक्षों ने रखे तर्क
मामले की सुनवाई जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की एकल पीठ में हुई। भूपेश बघेल की ओर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिवक्ता मयंक जैन सहित अन्य अधिवक्ताओं ने पक्ष रखा। वहीं, विजय बघेल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता टीके झा और उनकी टीम ने पैरवी की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था।

अब आगे बढ़ेगी गवाही की प्रक्रिया
गुरुवार को हाईकोर्ट ने भूपेश बघेल का आवेदन खारिज कर दिया। इससे मुख्य चुनाव याचिका पर सुनवाई का रास्ता साफ हो गया है। इससे पहले 10 सितंबर को विजय बघेल और उनके गवाह सौरभ दुबे साक्ष्य दर्ज कराने कोर्ट पहुंचे थे, लेकिन आवेदन लंबित होने के कारण उस समय गवाही दर्ज नहीं हो सकी थी। अब आवेदन खारिज होने के बाद चुनाव याचिका में साक्ष्य और गवाहों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।





































