NASHIK NEWS. महाराष्ट्र के नाशिक जिले के निफाड में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या के खिलाफ विरोध का अनोखा तरीका देखने को मिला। युवा सेना (UBT) के कार्यकर्ता तीन बोरियों में पिल्लों को भरकर नगर पंचायत कार्यालय पहुंच गए और मुख्य अधिकारी धीरज भामरे की टेबल पर पिल्ले रखकर प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध जताया। अचानक पिल्लों को टेबल पर देखकर अधिकारी और कर्मचारी कुछ देर के लिए हैरान रह गए।

तीन बोरियों में भरकर कार्यालय पहुंचे कार्यकर्ता
प्रदर्शनकारी अपने साथ तीन बोरियां लेकर मुख्य अधिकारी के केबिन में पहुंचे। आरोप है कि कार्यालय में पहुंचते ही उन्होंने बोरियां खोल दीं और उनमें मौजूद पिल्लों को अधिकारी की मेज पर रख दिया। इस दौरान युवा सेना के जिला प्रमुख विक्रम रांधवे ने अधिकारी की टेबल पर नोटों की माला भी रखी। हालांकि, उन्होंने माला अधिकारी को पहनाई नहीं।

दो दिन का अल्टीमेटम, आंदोलन की चेतावनी
कार्यकर्ताओं का आरोप है कि निफाड शहर और आसपास के इलाकों में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कुत्तों के काटने से बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग परेशान हैं। उनका दावा है कि कई बार शिकायत और ज्ञापन देने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
जिला प्रमुख विक्रम रांधवे ने चेतावनी दी कि यदि दो दिन के भीतर आवारा कुत्तों को पकड़ने और नसबंदी की व्यवस्था प्रभावी तरीके से शुरू नहीं की गई तो महिलाओं को साथ लेकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

अस्पताल में रोज पहुंच रहे 5-6 डॉग बाइट के मरीज
निफाड उपजिला अस्पताल के डॉक्टर राजीव के मुताबिक अस्पताल में रोजाना करीब 5 से 6 लोग कुत्ते के काटने के बाद उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। हर महीने डॉग बाइट के 100 से अधिक मामले सामने आने की बात कही गई है। हालांकि अस्पताल में एंटी-रेबीज वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।

नगर पंचायत बोली-73 कुत्तों की हो चुकी नसबंदी
विरोध के बीच नगर पंचायत के मुख्य अधिकारी धीरज भामरे ने कहा कि प्रशासन आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने बताया कि कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए दो बार टेंडर जारी किए जा चुके हैं और अब तक 73 कुत्तों की नसबंदी कराई गई है। उन्होंने नागरिकों से प्रशासन के अभियान में सहयोग करने की अपील की।





































