BHILAI NEWS. नई श्रम संहिताओं में श्रमिकों से जुड़े विवादित प्रावधानों को लेकर भारतीय मजदूर संघ (BMS) के शीर्ष नेतृत्व ने केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर अपनी आपत्तियां और मांगें सामने रखीं। बैठक में औद्योगिक संबंध संहिता समेत नई श्रम संहिताओं के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा हुई। BMS ने श्रमिक हितों से जुड़े प्रावधानों में आवश्यक बदलाव की मांग करते हुए सरकार के समक्ष अपना पक्ष मजबूती से रखा।

यह जानकारी भिलाई इस्पात मजदूर संघ (BMS) के महामंत्री एवं भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय उद्योग सह प्रभारी (नॉन-कोल) दिनेश कुमार पांडेय ने दी।
बैठक में BMS की ओर से अखिल भारतीय अध्यक्ष संकुरी मल्लेशम, अखिल भारतीय महामंत्री सुरेंद्र कुमार पाण्डेय, अखिल भारतीय संगठन मंत्री बी. सुरेंद्रन, पूर्व अध्यक्ष हिरण्मय पंड्या और साजी नारायणन शामिल हुए।

EPF, बोनस और ESI की सीलिंग बढ़ाने की मांग
BMS ने सामाजिक सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों में बदलाव की मांग करते हुए EPF की वेतन सीमा ₹15 हजार से बढ़ाकर ₹30 हजार, बोनस की सीमा ₹21 हजार से बढ़ाकर ₹42 हजार तथा ESI की सीमा ₹21 हजार से बढ़ाकर ₹42 हजार करने का प्रस्ताव रखा।
संगठन ने औद्योगिक संबंध संहिता के तहत 300 कर्मचारियों की सीमा को घटाकर पहले की तरह 100 करने की मांग की। BMS का तर्क है कि इससे अनुचित तरीके से कर्मचारियों की छंटनी या बर्खास्तगी पर नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी।

निश्चित अवधि के रोजगार पर भी उठे सवाल
BMS ने नियमित प्रकृति के कार्यों में स्थायी रोजगार को प्राथमिकता देने और निश्चित अवधि रोजगार (Fixed Term Employment) को स्थायी जनशक्ति के अधिकतम 10 प्रतिशत तक सीमित करने की मांग की। इसके अलावा ट्रेड यूनियनों की मान्यता के लिए 51 प्रतिशत सदस्यता तथा निगोशिएटिंग काउंसिल के लिए 20 प्रतिशत सदस्यता की शर्तों में भी व्यावहारिक बदलाव का सुझाव दिया गया।
संगठन ने ट्रेड यूनियन पंजीकरण में ‘डीम्ड रजिस्ट्रेशन’ का प्रावधान लागू करने, कामगार की परिभाषा में पर्यवेक्षक (Supervisor) के लिए निर्धारित ₹18 हजार की वेतन सीमा बढ़ाने तथा हड़ताल के अधिकार से जुड़े नोटिस नियमों में भी राहत देने की मांग रखी।

मंत्री ने जल्द सुधार का दिया भरोसा
बैठक में BMS द्वारा उठाए गए मुद्दों और तर्कों को केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने गंभीरता से सुना। संगठन के मुताबिक, मंत्री ने आश्वस्त किया कि उठाए गए बिंदुओं पर विचार करते हुए श्रम संहिताओं में आवश्यक सुधार और विधायी संशोधन जल्द किए जाएंगे।
दिनेश कुमार पांडेय ने कहा कि BMS श्रमिकों के हितों से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं करेगा। उन्होंने बताया कि व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य दशा संहिता (OSH Code) से जुड़े विषयों पर भी केंद्रीय नेतृत्व और श्रम मंत्री के बीच आगामी दिनों में उच्चस्तरीय बैठक प्रस्तावित है।





































