UTTARPRAESH NEWS. उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित करीब 70 से 100 साल पुरानी मस्जिद को शनिवार तड़के प्रशासन ने बुलडोजर से ढहा दिया। प्रशासन के मुताबिक यह कार्रवाई अदालत के आदेश के तहत की गई, जिसमें निर्माण को अवैध माना गया था। कार्रवाई के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर को सुरक्षा घेरे में रखा गया और किसी को भी मौके के पास जाने की अनुमति नहीं दी गई।

बताया गया कि सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच कार्रवाई शुरू हुई और इसके लिए छह बुलडोजर लगाए गए। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस के साथ PAC और RAF की कंपनियां तैनात की गईं। प्रशासन की कार्रवाई की सूचना फैलने के बाद शुक्रवार रात से ही इलाके में लोगों की भीड़ जुटने लगी थी, जिसे पुलिस ने समझाकर वहां से हटाया।
कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने की कार्रवाई
स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के मुताबिक कलेक्ट्रेट परिसर की जमीन पर बने इस निर्माण को अवैध घोषित किए जाने के बाद निचली अदालत के आदेश के खिलाफ दायर याचिका भी खारिज हो गई थी। इसके बाद मजिस्ट्रेट और अदालत के आदेश के आधार पर कार्रवाई की गई।
प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पूरे परिसर में आवाजाही प्रतिबंधित रखी और आसपास बड़ी संख्या में जवान तैनात किए।

अखिलेश बोले- दूसरे धर्म का अपमान करने वाला सच्चा हिंदू नहीं
कार्रवाई के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसी दूसरे धर्म का अपमान करना सनातन धर्म की भावना के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की कार्रवाई कर रही है।
ओवैसी ने उठाया संवैधानिक अधिकार का सवाल
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि मस्जिद 1911 के रिकॉर्ड में दर्ज है और कलेक्ट्रेट परिसर के निर्माण से पहले से मौजूद थी। उन्होंने सवाल किया कि क्या देश में मुस्लिमों के धार्मिक स्वतंत्रता के संवैधानिक अधिकार को लेकर स्थिति बदल रही है।

मायावती ने कहा- जल्दबाजी में न गिराए जाएं धार्मिक स्थल
बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी कार्रवाई पर आपत्ति जताई। उन्होंने सरकार से ऐसी कार्रवाइयों पर रोक लगाने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी मस्जिद या अन्य धार्मिक स्थल को अवैध घोषित कर जल्दबाजी में गिराना उचित नहीं है। उन्होंने सभी धर्मों के धार्मिक स्थलों को समान सुरक्षा और सम्मान दिए जाने की बात कही।

सपा सांसद ने लगाया हाउस अरेस्ट का आरोप
कैराना से सपा सांसद इकरा हसन ने आरोप लगाया कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोकने के लिए पुलिस ने हाउस अरेस्ट किया। उन्होंने कार्रवाई से पहले पर्याप्त कानूनी अवसर नहीं दिए जाने का भी आरोप लगाया।
भारी पुलिस बल तैनात, सोशल मीडिया पर नजर
मस्जिद गिराए जाने के बाद प्रशासन ने क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है। पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती के साथ सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।





































